काश ! डीसी साहब जरा गम्हरिया अंचल तरफ भी नजर डालते…
कैंसर का इलाज को ले रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट के लिए गम्हरिया अंचल कार्यालय का चक्कर काट रहीं है वृद्धा ,और वृद्धा के पुत्र, कोई बताने वाला नहीं कब मिलेगा रेजिडेंशियल सर्टिफिकेट…
ए के मिश्र : सरायकेला खरसावां जिला के गम्हरिया अंचल कार्यालय लगातार कोई ना कोई रूप में सुर्खियों में रहते आ रहा है। चाहे वह भ्रष्टाचार का मामला हो, दलालों का मामला हो, या कार्य कराने का मामला हो । वर्तमान में एक वृद्ध कैंसर से पीड़ित महिला द्वारा कैंसर के इलाज कराने के लिए रेजिडेंशियल प्रमाण पत्र हेतु महीनों से कार्यालय की चक्कर काट रही है। कभी महिला तो कभी पुत्र ,लेकिन आज तक उसे प्रमाण पत्र नहीं मिला, और ना ही उसे कोई बताता है कि उसे कब तक मिलेगा।
परिजनों का कहना है ,अभी इलाज की जरूरत है। मेरी कोई संवेदनाएं दुख नहीं समझता है। इंसानियत, मानवता , प्राथमिकता के आधार पर कैंसर पीड़ित को मदद करना चाहिए था। परंतु यहां अंचल कार्यालय में कोई देखने वाला नहीं है। काश! डीसी साहब जरा एक बार गम्हरिया अंचल कार्यालय पर नजर डालते।
आदित्यपुर न्यू हाउसिंग कालोनी निवासी चांडिल डैम के विस्थापित कैंसर की बीमारी से ग्रसित वृद्धा महिला कल्पना आदित्य देव। वह पिछले एक महीने से रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रही है। लेकिन उसकी परेशानी देखने समझने के लिए कोई नहीं है। वृद्धा का बेटा शिवनाथ आदित्य देव व शिव नारायण आदित्य देव ने बताया कि उसकी मां कैंसर से पीड़ित हैं। मां का इलाज में रियायत पाने के लिए रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट की जरुरत है। इसके लिए उन्होंने दो बार आनलाइन आवेदन किया बावजूद इसके सुनने वाला कोई नहीं है। कोई सही जवाब तक नहीं देता । कब तक बनेगा या नहीं बनेगा। काश! डीसी साहब जरा एक बार नजर इधर डालते।
