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सरायकेला : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने झारखंड सरकार को आड़े हाथों लिया…

जगबंधु महतो … ✍️

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आदिवासी संस्कृति और संस्कार है खतरे में # चंपाई सोरेन 

• जगन्नाथपुर और गिरिडीह घटना पर जताया दुख ।

सरायकेला  : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने सोमवार को सरायकेला जिले के कांड्रा में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं पर गंभीर सवाल उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर स्थित गीत लिपि गांव में चार मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद हृदयविदारक है और यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि झारखंड के 24 वर्षों के सफर के बाद भी आदिवासी समुदाय इस तरह की त्रासदियों का सामना कर रहा है। चंपई सोरेन ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने अबूआ आवास योजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया था लेकिन उन्हें केवल 5 महीने का कार्यकाल मिला जिससे वे इस योजना को पूरी तरह लागू नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि अगर अबूआ आवास योजना का लाभ उस परिवार को मिला होता तो शायद उन चार मासूम बच्चों की जान बच सकती थी।

सरकार को ठहराया हर मोर्चे पर विफल –

उन्होंने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज भी कोल्हान के आदिवासी सुरक्षित नहीं हैं। गिरिडीह और अन्य इलाकों में होली के समय हुई हिंसा कोई नई बात नहीं है लेकिन सरकार ने पहले से कोई ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए। जिन इलाकों को संवेदनशील घोषित किया जाना चाहिए था वहां भी प्रशासन ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की योजनाएं पूरी तरह पटरी से उतर गई हैं। उन्होंने कहा कि मैया सम्मान योजना जिसे उनके कार्यकाल में शुरू किया गया था अब ठप पड़ी हुई है। बुजुर्गों की पेंशन योजना का लाभ सही तरीके से नहीं मिल रहा है। बुजुर्ग मां-बाप को हर महीने पेंशन मिलनी चाहिए लेकिन मौजूदा सरकार 3-4 महीने तक भुगतान नहीं कर रही है। सामाजिक कल्याण की योजनाएं 4-5 महीने पीछे चल रही हैं जिससे गरीब और जरूरतमंदों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार ने पहले से सतर्कता बरती होती तो नहीं होती हिंसा : चंपई सोरेन –

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में त्योहारों के दौरान बार-बार हिंसा होती है, लेकिन सरकार इसे रोकने में नाकाम साबित हो रही है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में पहले से सुरक्षा बल तैनात करने चाहिए थे ताकि घटनाओं को रोका जा सके।

आदिवासियों की सुरक्षा और विकास पर सरकार को ध्यान देने की है जरूरत : चंपाई सोरेन –

चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड आदिवासियों की भूमि है और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सरकार आदिवासी समुदाय की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए अन्यथा जनता इसका जवाब चुनाव में देगी।

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