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झारखंड स्वयंसेवी संस्था संगठन ने पीएम के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं को प्राथमिकता देने की मांग की…

सरायकेला Sanjay । झारखंड स्वयंसेवी संस्था संगठन झारखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर लाल माहली एवं सचिव असीत कुमार महतो द्वारा मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को 5 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। जिसमें उन्होंने मांग की है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाए। विशेषकर मुख्यमंत्री सारथी योजना के लिए स्थानीय स्वयंसेवी संस्था की भागीदारी प्रखंडवार सुनिश्चित की जाए। इसके तहत विगत वर्षों से कार्यरत स्वयंसेवी संस्था मानव सेवा संस्थान कुचाई, सदन संपूर्ण विकास संस्था सरायकेला, उत्थान शैक्षणिक सामाजिक कल्याण संस्था गम्हरिया, गौतम बुद्ध सोशल एंड वेलफेयर मिशन जमशेदपुर, दैवीय पुत्र जीव जगत निर्माण गम्हरिया, लोकहित संस्था शिमला, रीजनल स्टडी सेंटर चौका, अमरदीप सेवा संस्था चाकुलिया, पंचतंत्र सेवा संस्था इचागढ़,

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चेतना महिला सभा राजनगर, जनकल्याण स्वाबलंबी सहयोगी समिति रपचा, अस्तित्व गम्हरिया, तिरला हिरला जादूगोड़ा, राष्ट्रीय भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जन कल्याण संगठन, झारखंड स्वयंसेवी संस्था पटमदा, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी रांची, रोज धालभूमगढ़, बिरसा सेवा संस्था पटमदा, नेवर डाइंग सोशल वेलफेयर आदित्यपुर, झारखंड शिक्षित बेरोजगार संघ सरायकेला, झारखंड ज्योति पोटका, झारखंड संथाली फिल्म फेयर अवार्ड गम्हरिया, सिंधु इम्पावर फाउंडेशन गम्हरिया, सिहभुम ग्रामीण उन्नयन महिला समिति चाकुलिया, विवेकानंद आदर्श सेवा समिति बोड़ाम, लक्ष्य झारखंड एक सेवा संस्था गम्हरिया, वन्तानगर आदिवासी स्वयं सहायता समूह आदित्यपुर, सरना आदिवासी आजीविका सखी मंडल शंकरपुर गम्हरिया एवं ग्रामीण महिला कल्याण समिति रपचा को प्राथमिकता दिए जाने की मांग करते हुए

उन्होंने कहा है कि रिक्त जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन दुकानों को संचालन के लिए स्थानीय महिला समूह का चयन कर क्रियान्वयन कराया जाए। महिला सशक्तिकरण के लिए पंचायत कोष, मनरेगा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजना स्थानीय महिला समूह को आवंटित किया जाए। सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से पिछले पुरुष एवं महिलाओं के लिए विकास और स्वावलंबन की व्यवस्था की जाए। बेरोजगार पुरुषों और महिलाओं के नियोजन के लिए व्यवसायिक शिक्षा एवं लघु उद्योग संबंधी शिक्षा प्रशिक्षण की निशुल्क व्यवस्था की जाए। और प्रतिभा विकास के लिए शिक्षा सुविधा से वंचित बच्चों और युवतियों एवं प्रौढ़ महिलाओं के लिए अनौपचारिक शिक्षा की व्यवस्था ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न तरह के प्रशिक्षणों का आयोजन किया जाए।

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