Advertisements
Spread the love

दीपावली को लेकर सजा दीपावली बाजार, लोगों ने जमकर की

खरीददारी…

सरायकेला Sanjay । दीपावली को लेकर सरायकेला में दीपावली बाजार सजा। जिसमें खरीददारी को लेकर पूरे दिवस गहमागहमी बनी रही। लोगों ने मौके पर दिवाली से संबंधित हर छोटी-बड़ी चीजों की खरीददारी करते हुए देखे गए। जिसमें दीप सहित मिट्टी के सामानों की खरीददारी की गई। इसके अलावा दीपावली पर पूजे जाने वाले धान बाली गोट को लेकर भी बाजार सजा रहा। जहां ₹30 से लेकर ₹50 तक धान बाली की बिक्री हुई। स्थानीय तौर पर गोट के रूप में जाने जाना वाला धान बाली दीपावली पर माता लक्ष्मी के पूजन के साथ घरों में सजने के साथ साथ गोहाल पूजा पर पशुओं के मुकुट बांधने के रूप में उपयोग किया जाता है। दीपावली को लेकर चीनी से बनी रंग बिरंगी मिठाइयों की दुकानों में भी लोग खरीदारी करते रहे।

Advertisements

ऐसे रहा दीप दीपावली का बाजार:-

छोटा दीप- ₹2 प्रति पीस और ₹180 सैकड़ा।
मंझला दीप- ₹5 प्रति पीस और ₹400 सैकड़ा।
बड़ा, चौमुखी, पंचमुखी एवं फैंसी दीप- ₹10 प्रति पीस।
ग्वालिन- ₹80 से ₹150 प्रति पीस। श्री लक्ष्मी गणेश मूर्ति- ₹80 से ₹600.
चुका ढक्कन- ₹20 प्रति पीस। कढ़ाई- ₹40 से ₹60 प्रति पीस।
मिट्टी के हाथी घोड़ा खिलौने- ₹30 से ₹80 प्रति पीस।

ऑन डिमांड बुकिंग पर बिका सरायकेला का क्षेत्र प्रसिद्ध

विशेष सेव लड्डू:-

 

खुशियों का त्योहार दीपावली के शुभ अवसर पर सरायकेला में सरायकेला का विशेष सेव लड्डू ऑनडिमांड रहा। इसके तहत सरायकेला के विभिन्न दुकानों से रविवार को तकरीबन 15 क्विंटल सेव लड्डू एडवांस बुकिंग के आधार पर बेचा बताया गया।

You missed

#दरभंगा #दरभंगा #चंपारण #भागलपुर #दहशत #आतंक #दंगा #नक्सल #लूट #संथाली #आदिवासी #हरिजन # पिछड़ी जाती News Uncategorized उत्पिड़न किसान कोडरमा कोयलांचल कोल्हान क्राइम खुटी गढवा गिरीडीह गुमला गोड्डा चतरा चाईबासा चोरी जमशेदपुर जरा हटके जामताड़ा झारखण्ड टेक्नोलॉजी दिल्ली दुमका दूर्घटना देवघर धनबाद पटना पलामू पश्चिम सिंहभूम पाकुड़ पूर्वी सिंहभूम प्रशासन - सुरक्षा बल बिज़नेस बिहार बिहार बोकारो भ्रष्टाचार/अराजकता राँची राजनीति राज्य राज्यसभा रामगढ़ लाइफस्टाइल लातेहार लोकसभा लोहरदग्गा विकास कार्य विधानसभा शहर शिक्षा व रोजगार शोकाकुल संथाल सरायकेला-खरसावाँ साहिबगंज सिमडेगा सुर्खियां स्वास्थ्य हजारीबाग

रांची : पंचायती राज का सपना धरातल में कहां तक सच हो पाया है ?