व्यंग :-
सरकारी खाते में दिव्यांग कहलाने की होड़……
सरायकेला (संजय मिश्रा ) । एक जमाना था जब किसी व्यक्ति को किसी बात के लिए दिव्यांग कहे जाने पर मारपीट तक की नौबत आ जाती थी। परंतु वर्तमान के बदले हुए समय में आज सरकारी खाते में दिव्यांग कहलाने के लिए लोगों की होड़ मची हुई है। इसका कारण बताया जा रहा है कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाई जा रही ढेर सारी लाभकारी योजनाओं के कारण लोग सरकारी खाते में दिव्यांग कहलाने के लिए आतुर दिखते हैं। जिसमें सरकारी जॉब में आरक्षण का लाभ के साथ साथ अन्य लाभकारी योजनाएं भी खास दिव्यांगजनों के लिए सरकारों द्वारा चलाई जा रही है। इसी का परिणाम है कि प्रत्येक माह सरायकेला के सदर अस्पताल में आयोजित होने वाली मानसिक दिव्यांग जांच शिविर में जिलेभर से दर्जनों की संख्या में दिव्यांग दिव्यांगता प्रतिशत जांच कराने पहुंचते हैं।
