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विवाहिता के साथ प्रेम संबंध में हुई हत्या के मामले पर सुनवाई

करते हुए पीडीजे की अदालत ने अभियुक्त छोटे को सुनाई सश्रम

आजीवन करावास की सजा…..

सरायकेला। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार की अदालत ने विवाहिता के साथ प्रेम संबंध में हुई हत्या के एक मामले पर सुनवाई करते हुए मामले के अभियुक्त छोटे उर्फ छोटू उर्फ रांसी चाम्पिया को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त छोटे को भादवि की धारा 302 के तहत मामले का दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ ₹10000 का अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई है।

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अर्थदंड नहीं अदा कर पाने की स्थिति में अभियुक्त छोटे को 6 महीने साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसी प्रकार भादवि की धारा 201 के तहत अभियुक्त छोटे को मामले का दोषी पाते हुए 5 साल सश्रम कारावास की सजा के साथ-साथ ₹2000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं अदा कर पाने की स्थिति में अभियुक्त छोटे को 3 महीने साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।

राजनगर थाना कांड संख्या 21/ 2015 के तहत राजनगर थाना अंतर्गत केलुगोट गांव निवासी सन्नी पान की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जिसमें सन्नी पान ने बताया था कि उसके 40-45 वर्षीय पिताजी दशमान सिंह पान का कुछ साल पहले से धुरीपदा गांव निवासी छोटू चाम्पिया की पत्नी रोहती चाम्पिया के साथ प्रेम संबंध चल रहा था।

दिनांक 20 मार्च 2015 को दोनों अपनी भतीजी रायमनी देवगम के चाईबासा हेसाबासा स्थित किराए के मकान पर गए थे। छोटू चाम्पिया को पता चलने पर वाह दशमान सिंह पान को सुमो गाड़ी में बिठा कर कहीं ले गया। जिसका काफी खोजबीन करने पर भी पता नहीं चला। 22 मार्च 2015 को हनुमतबेड़ा जंगल से दशमान सिंह पान का अधजला लाश बरामद किया गया था।

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