ब्रजेंद्र पटनायक को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से नवाजे जाने पर नपं उपाध्यक्ष ने जताया हर्ष; वर्तमान में कला की बदहाली पर जताया दुख . . .
सरायकेला। सरायकेला नगर पंचायत उपाध्यक्ष एवं सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने सरायकेलावासियों की ओर से छऊ गुरु ब्रजेन्द्र पट्टनायक को भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संगीत नाटक अकादमी 2019 से पुरस्कृत होने पर ढेर सारी शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इसे गौरवान्वित पल बताया। कहा कि इस पुरस्कार से वर्तमान अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही वैश्विक छऊ कला व कलाकारों को बल मिलेगा। इस पर अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड की लोक कला संस्कृति के संरक्षण और विकास जैसे चुनावी वायदे कर सत्ता पर काबिज हुई। लेकिन नतीजा सिफर रहा। सरायकेला वैश्विक छऊ कला यहां की परंपरा और संस्कृति है। तत्कालीन राजाओं द्वारा राजघरानों के मर्जर एग्रीमेंट के कारण सरकार द्वारा राजकीय छऊ नृत्य कलाकेंद्र की स्थापना 1961 में की गई थी। और स्थापना काल से ही सरकारों द्वारा केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही थी। जिसके कारण कलाकेंद्र एवं कलाकारों का धीरे-धीरे मनोबल टूटते रहा और आज की तिथि में कला केंद्र में एक भी कर्मी नहीं है। जिसके कारण कला केंद्र में ताला लटक गया है। इसकी पूरी जिम्मेवार राज्य सरकार है। जिन वादों और इरादों से सरकार को काम करना था सरकार उसके विपरीत काम कर रही है। खनिज संपदा और अनेक संभावनाओं से भरपूर झारखंड को भ्रष्टाचार का चारागाह बना दिया गया। भ्रष्टाचार में झारखंड नित्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। केंद्रीय एजेंसियां जिस किसी विभाग या जिस किसी मंत्री को छू रही है अरबों की संपत्ति का खुलासा हो रहा है। राज्य सरकार पर प्रदेश की सुरक्षा, उन्नति और संपन्नता की चिंता ना कर अपना और अपने नज़दीकियों की संपन्नता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखी हुई है। राज्य सरकार एवं स्थानीय मंत्री से आग्रह है कि इस क्षेत्र की पहचान और गौरवमयी वैश्विक कला एवं कलाकारों के संरक्षण हेतु कारगर कदम उठाए।
