Advertisements
Spread the love

एक स्वास्थ्य एक परिवार की थीम के साथ जिला संयुक्त औषधालय में जागरूकता पूर्वक मनाया गया विश्व होम्योपैथिक दिवस .  .  .

सरायकेला। डॉ हैनिमैन की जयंती के अवसर पर सरायकेला स्थित जिला संयुक्त औषधालय में जागरूकता पूर्वक धूमधाम से विश्व होम्योपैथिक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विपिन चंद्र गुप्ता के नेतृत्व में केक काटकर होम्योपैथिक चिकित्सा के जनक डॉ सैम्युअल हैनीमैन की जयंती मनाई गई। मौके पर उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 के लिए एक स्वास्थ्य एक परिवार की थीम के साथ विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला संयुक्त औषधालय सरायकेला में होम्योपैथिक प्रेमी, गणमान्य व्यक्ति और होम्योपैथिक चिकित्सक की उपस्थिति में डॉ हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। साथ ही मौके पर होम्योपैथिक चिकित्सा के गुणों पर चर्चा की गई। मौके पर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विपिन चंद्र गुप्ता एवं होम्योपैथिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विनय चंद्र माझी के द्वारा माल्यार्पण कर डॉ हैनिमैन की जीवन और होम्योपैथी के प्रचार प्रसार पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में आलोक कुमार त्रिपाठी, सीताराम सरदार, सोमनाथ सिंह मुंडा, बिजली रजक, श्रीमती हाईबुरु एवं पंचानन दास मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

Advertisements

सरायकेला। डॉ हैनिमैन की जयंती के अवसर पर सरायकेला स्थित जिला संयुक्त औषधालय में जागरूकता पूर्वक धूमधाम से विश्व होम्योपैथिक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विपिन चंद्र गुप्ता के नेतृत्व में केक काटकर होम्योपैथिक चिकित्सा के जनक डॉ सैम्युअल हैनीमैन की जयंती मनाई गई। मौके पर उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 के लिए एक स्वास्थ्य एक परिवार की थीम के साथ विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला संयुक्त औषधालय सरायकेला में होम्योपैथिक प्रेमी, गणमान्य व्यक्ति और होम्योपैथिक चिकित्सक की उपस्थिति में डॉ हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। साथ ही मौके पर होम्योपैथिक चिकित्सा के गुणों पर चर्चा की गई। मौके पर जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विपिन चंद्र गुप्ता एवं होम्योपैथिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विनय चंद्र माझी के द्वारा माल्यार्पण कर डॉ हैनिमैन की जीवन और होम्योपैथी के प्रचार प्रसार पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में आलोक कुमार त्रिपाठी, सीताराम सरदार, सोमनाथ सिंह मुंडा, बिजली रजक, श्रीमती हाईबुरु एवं पंचानन दास मुख्य रूप से उपस्थित रहे।