Advertisements
Spread the love

गौड़ समाज के लोग संकल्प दिवस में शामिल होकर संकल्प दिवस को एतिहासिक बनाएं…

सरायकेला Sanjay  : गौड़ सेवा संघ के संकल्प दिवस के सफल आयोजन को लेकर आदित्यपुर के आसंगी में बुधवार को समाज के बुद्विजीवी शांति प्रधान की अध्यक्षता में तैयारी समिति की बैठक हुई। बैठक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर 23 जनवरी को खरसावां के बड़ा सरगीडीह में आयोजित गौड़ सेवा संघ के संकल्प दिवस को सफल बनाने को लेकर विचार विमर्श किया गया। बताया गया इस वर्ष गौड़ सेवा संघ के संकल्प दिवस को समाज के सभी लोगो के परस्पर सहयोग व सहभागिता से एतिहासिक बनाया जाएगा।

Advertisements

बैठक में मुख्य रुप से उपस्थित गौड़ सेवा संघ के केन्द्रीय सह सचिव बलराम प्रधान ने कहा कि गौड़ सेवा संघ का संकल्प दिवस समाज की दशा व दिशा तय करती है इसलिए गौड़ समाज के अधिक से अधिक लोग सपरिवार संकल्प दिवस में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं ताकि समाज हित में विकास के नए नए संकल्प लिया जा सके। कहा समाज को बांट कर समाज के विकास की कल्पना नही की जा सकती है बल्कि समाज के युवा व महिलाओं को उचित स्थान व दायित्व देकर हम समाज के अंतिम पंक्ति के लोगो का विकास कर सकते है। बैठक में उपस्थित समाज के लोगो ने संकल्प दिवस के सफलता को लेकर गौड़ बहुल गावं में जागरुकता अभियान चलाने की बात कही। मौके पर गौड़ सेवा संघ के संरक्षक राजु गिरी,वीरेन्द्र प्रधान,दिलीप प्रधान,जगत किशोर प्रधान,अनिल प्रधान,मदन प्रधान,नीलमाधव प्रधान,डॉ संजय गिरी,सानतुनु प्रधान,सुग्रीव प्रधान,आशुतोष प्रधान,अनंतो प्रधान,संजीव प्रधान व बाबूलाल प्रधान समेत अन्य उपस्थित थे।

You missed

#दरभंगा #दरभंगा #चंपारण #भागलपुर #दहशत #आतंक #दंगा #नक्सल #लूट #संथाली #आदिवासी #हरिजन # पिछड़ी जाती News Uncategorized उत्पिड़न किसान कोडरमा कोयलांचल कोल्हान क्राइम खुटी गढवा गिरीडीह गुमला गोड्डा चतरा चाईबासा चोरी जमशेदपुर जरा हटके जामताड़ा झारखण्ड टेक्नोलॉजी दिल्ली दुमका दूर्घटना देवघर धनबाद पटना पलामू पश्चिम सिंहभूम पाकुड़ पूर्वी सिंहभूम प्रशासन - सुरक्षा बल बिज़नेस बिहार बिहार बोकारो भ्रष्टाचार/अराजकता राँची राजनीति राज्य राज्यसभा रामगढ़ लाइफस्टाइल लातेहार लोकसभा लोहरदग्गा विकास कार्य विधानसभा शहर शिक्षा व रोजगार शोकाकुल संथाल सरायकेला-खरसावाँ साहिबगंज सिमडेगा सुर्खियां स्वास्थ्य हजारीबाग

रांची : पंचायती राज का सपना धरातल में कहां तक सच हो पाया है ?