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सरला बिरला विश्वविद्यालय ने मनाया  नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे
राँची/ नामकुम । हमारा देश जेनेरिक दवा की आपूर्ति के मामले में अहम स्थान रखता है। हमने कोविड के दौरान इस दिशा में दुनिया भर में वैक्सीन की सप्लाई की। हाल के वर्षों में कई सरकारी योजनाओं से भी देश में दवाओं के उत्पादन को बढ़ावा मिला और इस दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए। यह बातें  गुरुवार को  स्टेट ड्रग्स कंट्रोल डायरेक्टरेट की निदेशक  रितु सहाय ने कहीं। वे  सरला बिरला विश्वविद्यालय में नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे के अवसर पर मनाए गए कार्यक्रम ‘फार्मा अन्वेषण 2025’ के अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर बोल रही थी। उन्होंने छात्रों से आधुनिक तकनीकों को उपयोग कर अपना हुनर बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए झारखंड के एकमात्र विवि के तौर पर सरला बिरला विश्वविद्यालय के चयन और इस निमित्त मिलने वाले अनुदान पर विवि के फार्मेसी विभाग को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं को डॉक्टर रेड्डी लैब के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. राकेश्वर बंदीछोर, पीसीआई के सेंट्रल काउंसिल मेंबर डॉ. आकाश वेद के अलावा बीआईटी, मेसरा के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेस के प्रोफेसर डॉ. वी. प्रकाश एवं सैमिरा इनोफार्म के जीएम जय गणेश एएस ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में एसबीयू के  महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक ने आंत्रप्रेन्योरशिप में उपलब्ध अवसरों, फार्मेसी की भूमिका और इसके इतिहास पर संक्षेप में प्रकाश डाला।  कुलपति प्रो सी जगनाथन ने शिक्षा के उद्देश्यों पर बात की। उन्होंने दवाओं की आवश्यकता को शिक्षा के मूल सत्व से जोड़ते हुए छात्रों को इसकी जरूरत के विषय में बताया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण सरला बिरला विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के इंचार्ज डॉ. शुभ्रजीत मंत्री और धन्यवाद भाषण  निशा सिंह ने दिया।
इस अवसर पर डॉ. सुभानी बाड़ा, प्रो. विजय कुमार सिंह, आशुतोष द्विवेदी, डॉ. नीलिमा पाठक, डॉ. शैलेश नारायण, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. सविता, सुरुचि गुप्ता, पल्लवी रानी, अंजलि मिश्रा, पवन महतो, संतोष कुमार समेत विवि के अधिकारी एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम के आयोजन पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान एवं  राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने शुभकामनाएं प्रेषित की है।

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