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श्रीनगर के टैगोर हॉल में आयोजित हुआ “छऊ पर्व” फेस्टिवल, वर्कशॉप और सेमिनार; ऐज एन एक्सपर्ट शामिल हुए छऊ गुरु तपन कुमार पटनायक…

सरायकेला:संजय मिश्रा

सरायकेला। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली और जम्मू एवं कश्मीर एकेडमी ऑफ़ आर्ट एंड कल्चर एंड लैंग्वेज श्रीनगर के संयुक्त तत्वावधान श्रीनगर के टैगोर हॉल में छऊ पर्व फेस्टिवल, वर्कशॉप और सेमिनार ऑन छऊ डांस और फॉक डांस का आयोजन किया गया। जिसमें आमंत्रित एक्सपर्ट के तौर पर छऊ गुरु तपन कुमार पटनायक शामिल हुए।

इस मौके पर सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने छऊ नृत्य कला के ऐतिहासिक सफर और इसकी उत्पत्ति को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माटी की यह कला सृष्टि के नवरस और नवरंग से परिपूर्ण है। जिसकी महानता और भव्यता इसके हर ताल, लय और तरंग में देखने को मिलती है।

इस अवसर पर छऊ नृत्य कला की सरायकेला शैली, खरसावां शैली और मयूरभंज शैली का प्रदर्शन कलाकारों द्वारा करके दर्शकों का मन मोह लिया गया। सरायकेला शैली में राधा कृष्ण, बंदिर स्वप्न, आरती एवं हर पार्वती जैसे नृत्य को भरपूर सराहना मिली।

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