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“दिव्य है अंग हमारे; हम किसी से कम नहीं” समावेशी शिक्षा की जिला प्रभारी सुभाष हेंब्रम ने सरायकेला स्थित मॉडल रिसर्च सेंटर का किया निरीक्षण; कहा…

दिव्यांग बच्चों के शिक्षा सहित सर्वांगीण विकास के लिए सरकारी सुविधाओं के साथ होगा हर संभव प्रयास…

सरायकेला:संजय मिश्रा

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सरायकेला। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत समावेशी शिक्षा के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों में दिव्यांग बच्चों को विशेष शिक्षा एवं सरकारी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रखंड संसाधन केंद्र संचालित है। इसी के साथ सरायकेला प्रखंड में दिव्यांग बच्चों के लिए मॉडल रिसोर्स सेंटर संचालित है। समावेशी शिक्षा के जिला प्रभारी सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सुभाष हेंब्रम निरीक्षण पर सरायकेला स्थित मॉडल रिसोर्स सेंटर पहुंचे।

जहां उन्होंने सात दिव्यांग बच्चों को शिक्षा अध्ययन सहित शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेते हुए पाया। मौके पर मॉडल रिसोर्स सेंटर सरायकेला के व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इसे संतोषजनक बताते हुए कहा कि जिले के विभिन्न विद्यालयों में अध्यनरत दिव्यांग बच्चों को प्रतियोगितात्मक दृष्टि से विशेष अवसर प्रदान कर सर्वांगीण विकास करने का प्रयास किया जा रहा है।

जिसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों में दिव्यांग होने की भावना को दूर कर समान अवसर के साथ उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया जाना है। इसके लिए दिव्यांग बच्चों को सरकारी सुविधाओं के साथ विकास के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रखंड के रिसोर्स टीचर नरेंद्र प्रसाद सिंह एवं फिजियोथैरेपिस्ट पिंकी चाकी सहित सेंटर पहुंचे बच्चों के अभिभावक भी मौजूद रहे।

मॉडल रिसोर्स सेंटर की दीवारें भी दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के लिए कर रही है उत्साहित:-
रिसोर्स टीचर नरेंद्र प्रसाद सिंह बताते हैं कि मॉडल रिसोर्स सेंटर के माध्यम से विद्यालय में अध्यनरत दिव्यांग बच्चों को विशेष शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार फिजियोथेरेपी के माध्यम से सशक्त बनाकर सामान्य बच्चों में उन्हें सम्मिलित कर सामान्य विद्यालय में शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि समूचे मॉडल रिसोर्स सेंटर को इस प्रकार सुसज्जित किया गया है कि यहां पहुंचने वाले दिव्यांग बच्चों में उत्साह के साथ स्वयं से शिक्षा हासिल करने की प्रवृत्ति का विकास होगा।

इसके साथ ही रिसोर्स सेंटर में सरकारी योजनाओं की जानकारी, अभिभावकों का काउंसलिंग, दिव्यांगता की श्रेणी का पहचान कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने में सहयोग प्रदान करना जैसे कार्य किया जा रहे हैं। इसके अलावा प्रत्येक वर्ष समग्र शिक्षा अभियान के तहत उनका असेसमेंट के उपरांत आवश्यकतानुसार सहायक यंत्र उपलब्ध कराया जाता है। और खेलकूद के माध्यम से उनका हौसला बढ़ाया जाता है।

जिले में कुल 1795 हैं चाइल्ड विद स्पेशल नीड:-
सरायकेला- 167.
गम्हरिया- 210.
राजनगर- 323.
खरसावां- 250.
कुचाई- 240.
चांडिल- 217.
नीमडीह- 167.
ईचागढ़- 177.
कुकुडू- 82.

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