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नक्सली कमांडर अनल दा की गिरफ्तारी के बाद आत्मसमर्पण नीति नई दिशा से

प्रेरित होकर उनके बॉडीगार्ड प्रकाश गोप ने या आत्मसमर्पण…..

सरायकेला। नक्सल मुक्त राज्य और नक्सल मुक्त जिला बनाने की दिशा में जिला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इसके तहत भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल दा उर्फ रमेश दा उर्फ रमेश माझी के बॉडीगार्ड सह दस्ता सदस्य 22 वर्षीय प्रकाश गोप ने जिला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

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कुचाई थाना अंतर्गत ग्राम छोटा सेगोई के कुम्ब्रम टोला का रहने वाला प्रकाश गोप के पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण के संबंध में जानकारी पुलिस अधीक्षक आनंद प्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। उन्होंने बताया कि पुलिस के लगातार अभियान, बढ़ती दबिश, संगठन के आंतरिक शोषण क्षुब्ध होकर तथा झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नई दिशा से प्रभावित होकर प्रकाश गोप ने पुलिस अधीक्षक आनंद प्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक पुरुषोत्तम कुमार एवं चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि प्रकाश गोप के खिलाफ कुचाई थाना कांड संख्या 17/2021 के अंतर्गत भादवि की धारा 307/ 120(B)/ 34 एवं 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और 10/13 यूएपी एक्ट और 17 सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज है। जिसमें वर्ष 2021 के जून महीने के अंतिम सप्ताह में भाकपा माओवादी कमांडर अनल दा एवं उनके दस्ते के करीब 25 से 30 सदस्य द्वारा पुलिस बल को क्षति पहुंचाने और हथियार लूटने की नियत से दलभंगा से पुनिसीर जाने वाली पक्की सड़क ग्राम पतराडीह एवं सोनाघाटी के बीच सड़क बम प्लांट किया गया था। जिसे बाद में पुलिस द्वारा उखाड़ कर ब्लास्ट कर दिया गया था।

वर्ष 2019 में दस्ते में शामिल हुए प्रकाश का ऐसे हुआ हृदय परिवर्तन :-

वर्ष 2018 से कमाने के लिए कभी बेंगलुरु तो कभी उड़ीसा जाता प्रकाश तकरीबन डेढ़ वर्ष तक बाहर काम करने के बाद अपने गांव सेगोई लौटा था। इसी दौरान वर्ष 2019 के नवंबर महीने में भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के अनल दा उर्फ रमेश, महाराज प्रमाणिक का दस्ता उसके गांव के बगल के पहाड़ी में रुका हुआ था। पार्टी समर्थक गांव के गोण्डा मुंडा, बोगल जाटा एवं मंगल मुंडा खाना पहुंचाने जाते हुए प्रकाश को भी साथ ले जाकर पार्टी वाले से मिलवाए। सभी साथ में खाना खाने के बाद रात में ही पार्टी दस्ता चल दिया। तभी एक दस्ता सदस्य की तबीयत खराब हो गई। कमांडर महाराज प्रमाणिक ने प्रकाश को उस तबीयत खराब दस्ता सदस्य के साथ रहते हुए पार्टी का सामान लेकर चलने को कहा।

उस रात पार्टी के साथ रायसिंदरी पहाड़ी में रुकने के बाद अगली सुबह जब प्रकाश अपने घर वापस जाने के लिए बोला तो महाराज प्रमाणिक ने बुलाकी सबको पता चल गया है, पुलिस देखेगी तो पकड़ लेगी, इसलिए अब तुमको पार्टी में ही रहना होगा। तब से प्रकाश पार्टी में रहकर पार्टी का सामान ढोने का काम करने लगा। पार्टी में रहते रहते वर्ष 2020 में लोटाबुरु पहाड़ में आपटन एवं रवि हथियार का ट्रेनिंग दिए। अच्छी ट्रेनिंग और फायर करने के कारण प्रकाश को एसएलआर राइफल दिया गया। साथ ही अनल दा की टीम में शामिल कर दिया गया। और प्रकाश अनल दा के बॉडीगार्ड का काम करने लगा। इस दौरान भाकपा माओवादी के संगठन द्वारा कई महत्वपूर्ण घटनाओं को अंजाम दिया गया। पार्टी में रहने के दौरान प्रकाश का काफी शोषण किया जा रहा था। और घर भी आने जाने नहीं दिया जाता था। प्रकाश के घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। और बहन की शादी भी करना था। पार्टी से सहयोग मांगने पर प्रकाश को सहयोग की जगह सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा। जिससे पार्टी से प्रकाश का मोहभंग होने लगा था।

इसी दौरान झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति नई दिशा के बारे में गांव वालों से जानकारी लिया। और पुलिस से संपर्क स्थापित करने लगा। इसी बीच लड़ाई काला पुलिस से संपर्क कर प्रकाश ने पुलिस के पास सरेंडर करने की बात रखी। और मौका देख कर पार्टी में ही हथियार छोड़कर भाग निकला। और पुलिस के समक्ष पूर्णरूपेण स्वैच्छिक तथा बिना किसी दबाव के आत्मसमर्पण किया।

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