
CII कार्यक्रम में Usha Martin Foundation ने पेश किया ट्राइबल सशक्तिकरण का मॉडल, स्थानीय कला व उत्पाद रहे आकर्षण का केंद्र

Arjun Kumar Pramanik….✍️
रांची । रैडिसन ब्लू, रांची में आयोजित CII के “Rooted in Heritage, Rising in Enterprise” कार्यक्रम में Usha Martin Foundation ने ट्राइबल सशक्तिकरण का प्रेरणादायी मॉडल प्रस्तुत किया। फाउंडेशन के फील्ड सुपरवाइज़र मोनित भूतकुमार ने CSR के माध्यम से ट्राइबल समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने, कौशल विकास, उद्यमिता और पारंपरिक कला के बाज़ारीकरण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए आवश्यक है कि ट्राइबल कौशल और परंपराओं को आर्थिक अवसरों से जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि फाउंडेशन द्वारा ट्राइबल महिलाओं और युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, आजीविका संवर्धन, उद्यम स्थापना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने जैसे कई प्रभावी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में Usha Martin Foundation की ओर से लगाया गया विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें सोहराय पेंटिंग, मड़ुआ लड्डू सहित कई स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इन उत्पादों को बनाने वाली ट्राइबल महिलाएँ भी उपस्थित रहीं, जिन्हें प्रतिभागियों ने खूब सराहा।कार्यक्रम की सफलता में वरुण कुमार, मेवालाल महतो, संगीता कुमारी और भुनेश्वर महतो का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने समर्पण के साथ आयोजन में सहयोग दिया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि ट्राइबल परंपराओं को उद्यमिता से जोड़कर ही आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सकता है, और इस दिशा में Usha Martin Foundation लगातार सकारात्मक और प्रभावी पहल कर रहा है।

