
खिजरी में आम रास्ता व विद्यालय मार्ग बंद करने के प्रयास पर ग्रामीणों में आक्रोश

Arjun Kumar….✍️
नामकुम(राँची) । खिजरी पाहन टोली से कोचा टोली जाने वाले वर्षों पुराने आम रास्ते एवं राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय, खिजरी तक जाने वाले मार्ग को सेना द्वारा बंद किए जाने के प्रयास के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्तग है। यह मार्ग लंबे समय से ग्रामीणों के दैनिक आवागमन, स्कूली बच्चों के आने-जाने तथा बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों की सुविधा का प्रमुख साधन रहा है। ऐसे में इस रास्ते को बंद करना पूरे क्षेत्र के जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाला कदम माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि क्षेत्र के जीवन का आधार है। इसके बंद होने से स्कूली बच्चों को लंबा और असुरक्षित रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा दोनों प्रभावित होंगी। साथ ही ग्रामीणों को दैनिक कार्यों, कृषि गतिविधियों और आपातकालीन परिस्थितियों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
आज सुबह सेना की ओर से जेसीबी मशीन भेजी गई थी, जिसे ग्रामीणों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा। इस दौरान सेना अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई। सेना अधिकारियों का कहना था कि वे आवंटित भूमि की घेराबंदी कर सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश का पालन कर रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि बिना स्थानीय लोगों की सहमति इस प्रकार रास्ता बंद करना अनुचित एवं जनविरोधी है। यह कदम लोगों के मौलिक आवागमन अधिकार का उल्लंघन है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन एवं संबंधित सैन्य अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय मार्ग का बंद होना बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से ग्राम प्रधान कोड़े उरांव, पूर्व जिला परिषद सदस्य आरती कुजूर, जिला परिषद सदस्य राम अवतार केरकेट्टा, मुखिया कारमेला कच्छप सहित कई जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। अंत में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आम रास्ता एवं विद्यालय मार्ग को बंद करने की कार्रवाई पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

