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चेंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव ने प्रेस बयान जारी कर कहा…

सरायकेला (संजय मिश्रा) कोरोना के इस संकट काल में हर एक व्यक्ति कोरोना योद्धा की तरह अपने और अपने अपनों के लिए एवं समाज तथा देश का संघर्ष कर रहा है। इसी के बीच में इन दिनों काफी सेक्टरों से खुद को कोरोना योद्धा साबित करने की आवाजें भी उठती हुई देखी जा रही है। इसी बीच में आपदा के इस काल में जान को हथेली पर ले रखकर लोगों को आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध करा रहे व्यापारियों के लिए सरायकेला खरसावां चेंबर ऑफ कॉमर्स आवाज बनकर सामने आया है। बीते दिनों राज्य सहित जिले भर में कालाबाजारियों और मुनाफाखोरों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्ती से चलाए गए छापामारी अभियान में कालाबाजारियों पर नकेल कसने की बात सामने आई है। जिसे लेकर सरायकेला खरसावां चेंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव मनोज कुमार चौधरी ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि वर्तमान के कठिन समय में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने वाले व्यापारियों और दुकानदारों को कालाबाजारी एवं चोर कहा जाना सरासर गलत है। कोरोना महामारी के इस आपदा काल में व्यापारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। परंतु आपदा को अवसर बनाने वाले कुछ लालची प्रवृत्ति के लोगों के कारण व्यापारियों की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने जिले भर के व्यापारियों से अपील की है कि मानवता के नाते उचित मूल्य पर गुणवत्ता युक्त सामग्री ग्राहकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया है कि देश के व्यापारियों के राजस्व और टैक्स से देश के सारे विकास कार्य हो रहे हैं। देश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले व्यापारी वर्ग कोरोना के इस आपदा काल में प्रशासनिक पदाधिकारियों, डॉक्टर एवं पत्रकारों की तरह लोगों को रोजमर्रा की सामग्री उपलब्ध कराने के लिए किराना, सब्जी, दूध एवं फल जैसी दुकान है खोल रहे हैं। इसके साथ ही दवा दुकानदार भी अपनी मौत के रिस्क पर दवा देने के लिए 24 घंटे लोगों से क्लोज कांटेक्ट मैं भी तैयार हैं। उन्होंने उक्त सभी दुकानों के बंद रहने की कल्पना पर रूह कांप जाने के बात कही है। कहा है कि लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में व्यंजन पकाकर मजे लूट रहे हैं। और रोजमर्रा की सामग्री एवं जीवन रक्षक आवश्यक दवाइयों के दुकानदार अपने दुकान पर चाय के लिए भी तरस रहे हैं। उन्होंने बताया है कि पैसा तो अनाप-शनाप अधिकतर अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर भी ले रहे हैं। लेकिन उन्हें भगवान का दर्जा दिया जा रहा है। और ऐसे दुकानदारों को चोर कहा जा रहा है। सरकार रोजमर्रा की सामग्री उपलब्ध कराने वाले और जीवन रक्षक दवा दुकानदारों पर छापेमारी करवा रही है। लेकिन वही वेपोराईजर, ऑक्सीमीटर, मास्क एवं सेनीटाइजर यदि ऑनलाइन कंपनी या दूसरे दुकानदार भेजते हैं तो उनके ऊपर कोई मापदंड नहीं है। उन्होंने अपील की है कि रोजमर्रा की सामग्री और जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने वालों को धन्यवाद मत दीजिए लेकिन गलत कहने का अधिकार किसी को भी नहीं है इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार से आग्रह किया है कि वर्तमान कठिन समय में जीवन रक्षक दवाइयां एवं आवश्यक रोजमर्रा की सामग्री उपलब्ध कराने वालों का मनोबल ऊंचा किया जाए।

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