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घाटशिला : कुड़मी ने घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को वहिष्कार करने की तैयारी…

 # रेल टेका वार्ता के नाम पर धोखा कुड़मी समाज है खफा…

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# चुनावी टाइटेनिक जहाज को पलटने का कर रहें हैं तैयारी…

# घाटशिला विधानसभा के सभी कुड़मी समुदाय के बीच सामाजिक संगठन विस्तार में तेजी आई…

दीपक नाग और जगबंधु महातो… ✍️

पिछले एक साल के भीतर झारखंड राज्य मे कुड़मी बहुल वाले इलाकों में कुड़मी समाज अपने आंदोलन को तेज कर दी है । एक साल के भीतर दो बार “रेल टेका” यानी रेल रोक कर केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ अपने आक्रोश प्रकट किया । विगत २० अक्टूबर रेल – टेका के पश्चात सरकार के द्वारा वार्ता में नहीं बुलाए जाने से है आंदोलनकारी आक्रोश में।

कुड़मी समाज आंदोलन का नेतृत्व करने वालों का मानना हैं, विगत 75 सालों से वें ST सुची में शामिल होने, कुुड़माली भाषा को 8 वीं अनुसूची में शामिल करने और सरना धर्म कोड को लागू करने के लिए मांग करते रहें हैं । जिस पर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से सफल प्रयास नहीं किया गया। इस लिए आगामी 11 नवंबर को होने वाली घाटशिला विधानसभा उपचुनाव मे कुड़ती समाज भागेदारी नहीं लेंगे और ना हीं वोट देंगे ।

ख़बरों के अनुसार, कुड़मी समाज संगठन के लोगों ने घाटशिला विधानसभा के 96 गांवों में जा कर सभी कुड़मी समाज के लोगों को सरकार की रवैया पर प्रकाश डालेंगे और इस चुनाव को बहिष्कार करने का आव्हान करेंगे। इस दिशा में गांव – गांव जाकर कुड़मी के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।

 बहरहाल, कुड़ती समुदाय का वोट घाटशिला विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टीयों के लिए अहम भूमिका हमेशा निभाते आया है।