
सरायकेला : वृहद झारखण्ड जनाधिकार मंच की ओर से खरसावां प्रखंड के आनंदडीह गांव में सोमवार को सदस्यता अभियान की शुरूआत की गई। कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय संयोजक बिरसा सोय ने कई लोगों को सदस्यता दिया। बिरसा सोय ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में सोमवार को सदस्यता अभियान की शुरुआत की गयी है। आगामी जून माह तक प्रदेश में दो लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सदस्यता अभियान जोर शोर से चलाने की अपील की। बिरसा सोय ने कहा कि वृहद झारखण्ड अलग राज्य बनाने का आंदोलन वर्ष 1920 को शुरुआत की गई थी। लगातार 80 वर्षों तक यह आंदोलन चलने के बाद वृहद झारखण्ड राज्य के आधा से भी कम जिलों को मिलाकर षड्यंत्र के तहत 2000 में झारखंड अलग राज्य का गठन किया गया। यह झारखंडियों के साथ एक धोखा है। मजबूत झारखंड राज्य बनाने के लिए वृहद झारखण्ड अलग राज्य बनाना अनिवार्य है। झारखंडियों की संपूर्ण विकास के लिए वृहद झारखण्ड से ही होगी। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 1948 को हुई खरसावां गोलीकांड की आंदोलन भी वृहद झारखण्ड अलग राज्य की आंदोलन का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि खरसावां गोलीकांड की उच्च स्तरीय जांच करने के साथ साथ शहीद परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी एवं पेंशन दिलाने के लिये आंदोलन होगा। कार्यक्रम का संचालन मंच के सक्रिय सदस्य भरत उरांव ने किया।
मौके पर मुख्य रुप से उपस्थित थे :-
भरत उरांव, शिवचरण उरांव, समुचंद उरांव, रामलाल उरांव, देवीलाल उरांव, दुखनी उरांव, गीता उरांव, सत्यवती उरांव, पेंड्री उरांव, नागेश्वर उरांव, सुक्रमुनी उरांव, कानू उरांव, तुर्चू उरांव, पुलतुली उरांव, सोमरा उरांव आदि लोग
