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सरायकेला (संजय मिश्रा) लगातार मॉर्डनाइज हो रहे जिले में रूढ़िवादी डायन कुप्रथा का मामला भी इस आधुनिक युग में जारी है। इसी क्रम में डायन प्रताड़ना की शिकार हुई कोलाबीरा गांव निवासी छुटका देवी ने परिवार परामर्श केंद्र न्याय की गुहार लगाई है। परिवार परामर्श केंद्र बीरबांस की प्रमुख पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित छुटनी देवी को इस संबंध में पत्र लिखते हुए छुटका देवी ने बताई है कि गुरुवार 20 मई को प्रातः 9:30 वह अपने आंगन में काम कर रही थी। सभी रामचंद्र रामू महतो, उसकी पत्नी सौचान्ती महतो, तारा देवी, उसका पति मकरा महतो सभी एक साथ आकर लाठी, डंडा और कुदाल लेकर छुटका देवी को डायन कहकर पीटने दौड़ाने लगे। रामू महतो का एक बछड़ा मर गया। और वे सभी लोग ने डायन कह कर छुटका देवी को परेशान करने लगे। छुटका देवी ने बताया है कि वह लोग जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उक्त परिवार में किसी को भी बुखार आने पर बार-बार उसे ही जान से मारने की धमकी देते हैं।

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उन्होंने परिवार परामर्श केंद्र से मामले का समाधान कर कथित चारों व्यक्तियों के ऊपर कानूनी कार्रवाई करते हुए अपने साथ न्याय की मांग की गई है। मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परिवार परामर्श केंद्र कोलाबीरा शाखा प्रमुख छुटनी देवी ने पीड़िता को केंद्र में संरक्षण देते हुए कहा है कि आधुनिक होते इस युग में डायन प्रताड़ना का मामला पूरे समाज के लिए घोर शर्मनाक है। जिसके नियंत्रण के लिए वे संघर्ष करती रही हैं। और इस मामले में भी छुटका देवी को पूरी तरह संरक्षण देते हुए न्याय दिलाए जाने के बाद उन्होंने कही है।

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