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जमशेदपुर: बागबेड़ा निवासी एक विधवा रेल कर्मी के साथ बलात्कार करने और गर्भपात कराने जैसे मामले के दोषी दीपक अधिकारी को न्यायलय ने अलग अलग सजा सुनाई है. इसके अलावा कुल 34 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे चार राजेंद्र कुमार सिन्हा ने दोषी को सजा सुनाई. इस दौरान दोषी दीपक जेल से वीडियो कॉंफ्रेंसिग के जरिए पेश हुआ. इस मामले में कुल 10 लोगों की गवाही हुई थी. पीड़ित पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने पैरवी की. न्यायलय ने दोषी को बलात्कार करने के लिए 14 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त एक साल की सजा होगी. गर्भपात के लिए 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा होगी. इसके अलावा धारा 328 में पांच साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 420 में पांच साल सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में पांच साल और तीन हजार रुपये जुर्माना और धारा 323 में छह माह और एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा. सभी सजा एक साथ चलेगी. बता दे कि पीड़िता ने साल 2017 में महिला थाना में दीपक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी में पीड़ता ने पुलिस को बताया था कि आरोपी उसके पति का दोस्त है. उसके पति रेलवे कर्मचारी थी. रेल दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी. इस बीच दीपक उसके घर आया और जबरदस्ती दुष्कर्म किया. किसी को बताने पर उसके बच्चे को जान से मारने की धमकी दी. इस बीच वह गर्भवती हो गई. मारपीट कर दीपक ने उसके गर्भ में लात मार दी जिससे उसका गर्भपात हो गया. वहीं दीपक ने किसी काम के लिए उससे तीन लाख रुपये भी लिए थे जो उसने वापस नहीं किए.

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