रथ यात्रा: महाप्रभु श्री जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के साथ पहुंचे अपने मौसी के घर गुंडिचा मंदिर; हुआ भव्य स्वागत…
सरायकेला:संजय मिश्रा : जगन्नाथ धाम पुरी के तर्ज पर सरायकेला में आयोजित होने वाली परंपरागत रथ यात्रा के दूसरे दिन महाप्रभु श्री जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के साथ रात्रि विश्राम के पश्चात सोमवार की शाम गोपबंधु चौक से रथ यात्रा प्रारंभ किए। सोमवार की शाम शुरू हुई रथयात्रा के दौरान रथ खींचते हुए जगन्नाथ भक्त और रथ के आगे आगे चल रहे सैकड़ों की संख्या में जगन्नाथ भक्तों द्वारा जय जगन्नाथ जय जय जगन्नाथ के जयकारे लगाए।


इस अवसर पर भक्तों द्वारा रथ पर सवार महाप्रभु श्री जगन्नाथ के चढ़ावे के लिए भोग प्रसाद चढ़ाया गया। उसी भोग प्रसाद को रथ पर सवार होकर यात्रा कर रहे पुजारियों द्वारा भक्तों के बीच लुटाया गया। काफी जोश से भक्त उछल उछल कर महाप्रभु के रथ के आगे चलते हुए आशीर्वाद स्वरुप भोग प्रसाद लूटते रहे। देर शाम महाप्रभु श्री जगन्नाथ रथ यात्रा कर मौसी बाड़ी गुंडिचा मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचे। जहां पुजारियों द्वारा महाप्रभु श्री जगन्नाथ और बहन सुभद्रा के साथ बड़े भाई बलभद्र का पूजा अर्चना कर स्वागत किया गया।
जिसके बाद शंख ध्वनि, करतल ध्वनि और ऊलुध्वनि के बीच महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बहन सुभद्रा एवं बड़े भाई बलभद्र के विग्रह को कंधे पर उठाकर मौसी बाड़ी गुंडिचा मंदिर के सिंहासन पर लाकर बैठाया गया। इसके बाद विधि विधान के साथ पुजारी एवं भक्तों द्वारा महाप्रभु श्री जगन्नाथ के दर्शन करते हुए पूजा अर्चना की गई। महाप्रभु के दर्शन करने पहुंचे भक्तों द्वारा इस अवसर पर लगे रथ मेले का भी देर रात तक आनंद लिया गया। इतना ही नहीं रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखा गया।
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