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उषा मार्टिन करायेंगी हल्दी व अश्वगंधा की खेती
18 गांवों के 125 प्रगतिशील किसानों का चयन

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रांची । उषा मार्टिन फाॅउंडेशन ने टाटीसिलवे के इर्द-गिर्द के 18 गांवों में ग्रामीणों के आय संवर्द्धन के लिए मेडिसिनल प्लांट की खेती करायेगा। गांवों में नकदी फसल की खेती के बाद किसानों की पहल पर उषा मार्टिन सीएसआर की टीम ने ऐसे 125 प्रगतिशील किसानों का चयन भी किया है। इन किसानों के माध्यम से हल्दी और अश्वगंधा की खेती करायी जायेगी। इस खेती के लिए चयनित किसानों को प्रशिक्षण के बाद बीज भी उपलब्ध कराया जा चुका है। अभी तक टाटीसिलवे के समीपवर्ती गांवों को स्ट्रोबेरी, ग्राफ्टेड प्लांट, नकदी फसल एवं शब्जी से जोड़ा जा चुका है।
उषा मार्टिन के महाप्रबंधक डाॅ मयंक मुरारी ने कहा कि मेडिसिनल प्लांट में आमदनी के अवसर ज्यादा उपलब्ध है। गांवों के किसानों के पास टांड़ जमीन ज्यादा है, जहां सिंचाई की सुविधाएं कम है। ऐसे जमीन को चिन्हित किया गया है। इसमें 50 से अधिक किसानों को हल्दी का बीज उपलब्ध कराया गया है, जो दस एकड़ से अधिक भूमि पर इसकी खेती करेंगे। खेती के बाद फसल के समुचित मार्केंटिंग के लिए एकल ग्रामोत्थान उत्पाद फाॅउंडेशन के साथ समझौता किया गया है।
उषा मार्टिन फाॅउंडेशन ने द्वारा गांवों के प्रगतिशील किसानों को अश्वगंधा की खेती करायी जायेगी। इस कार्य में आश्रय एग्रो टेक का सहयोग लिया जा रहा है। सात गावों से चयनित 22 किसानों द्वारा पहले चरण में 25 एकड़ टांड जमीन पर अश्वगंधा की खेती करायी जायेगी। आश्रय एग्रो टेक के चंद्र मोहन   ने बताया कि साल में दो बार अश्वगंधा की खेती कराने की योजना है। प्रति एकड़ खेती से प्रति वर्ष एक लाख तक की आमदनी होगी। इसकी खेती के बाद किसानों को कुसुम, चीया और अन्य मेडिसिनल एवं उपयोगी फसल से किसानों को जोड़ने की योजना है ।

खेतों में सोलर लाइट की व्यवस्था :  मेवालाल महतो

उषा मार्टिन फाॅउंडेशन की ओर से प्रगतिशील किसानों के खेत में सोलर लाइट लगाया गया है। इससे नकद फसल के उत्पादन एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलता मिली है। उक्त जानकारी एग्री बिजनेस कोडिनेत्टर मेवालाल महतो ने दी। बेड़वारी के ईश्वर महतो ने बताया कि इससे रात के समय खेती की सुरक्षा के साथ देखभाल में लाभ मिलता है। जानुम के गोवर्धन महतो बताते है कि कंपनी की योजना प्रगतिशील किसानों के लिए काफी लाभकारी है। इससे जानवरों से खेत की सुरक्षा होती है।

प्रदेश के पहले जैविक गांव का एक्सपोजर विजिट

उषा मार्टिन फाॅउंडेशन के सभी कर्मियों ने झारखंड के पहले जैविक गांव धुरलेट का विजिट किया है। इस भ्रमण के दौरान जैविक खेती से होने वाले प्रभाव, परिवर्तन और परिणाम के बारे में गांव के प्रधान हरिचरण उरांव एवं अन्य किसानों से जानकारी ली गयी। उषा मार्टिन अब इस गांव के प्रगतिशील किसानों के साथ सहयोग एवं समन्वय कर अपने कमांड एरिया में ऐसे जैविक खेती को बढ़ावा देगा। इस दौरा में डाॅ मयंक मुरारी, प्रिया बागची, भुनेश्वर महतो, मोनीत बूतकुमार, मेवालाल महतो, वरुण कुमार और संगीत कुमारी मौजूद थीं।

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