
सब्जियों की माला, रंगों की बौछार और एकता का संदेश — ऑक्सीजन पार्क में सजा अनोखा होली मिलन समारोह

Arjun Kumar Pramanik…..✍️
राँची। राजधानी राँची के मोराबादी स्थित ऑक्सीजन पार्क में रंग, उमंग और आत्मीयता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब राँची कैटल फीड ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व एसोसिएशन के सचिव शिव कुमार बिड़ला ने किया। कार्यक्रम की सबसे अनोखी झलक तब दिखी, जब सदस्यों का स्वागत पारंपरिक फूलों की माला के बजाय गाजर, करेला, मूली और शिमला मिर्च से बनी मालाओं से किया गया। यह दृश्य न केवल आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि अपने व्यवसाय और भारतीय परंपरा से जुड़े रहने का प्रतीक भी बना। गुलाल लगाकर और फूलों की वर्षा कर सभी का अभिनंदन किया गया। सचिव शिव कुमार बिड़ला ने कहा कि यह आयोजन केवल एक पर्व मनाने का माध्यम नहीं, बल्कि संगठन की एकजुटता और भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता की जड़ें इतनी गहरी हैं कि हर चुनौती के बाद हम और मजबूत होकर उभरे हैं। होली जैसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक सर्राफ ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का पर्व है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब व्यस्तता और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, ऐसे में इस तरह के आयोजन आपसी संवाद और विश्वास को मजबूत करने का अवसर देते हैं। समारोह में कोषाध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल, पूर्व कोषाध्यक्ष मिलन साहू, दिनेश गुप्ता, गणेश सिंघानिया, पुरुषोत्तम सिंह, जय प्रकाश साहू, राजू प्रसाद, संजय प्रसाद, वासु गोयल, अनिल चौधरी, प्रशांत सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया, होली गीतों पर झूमे और मिठाइयाँ खिलाकर पर्व की शुभकामनाएँ दीं। पूरा वातावरण भाईचारे, सौहार्द और उत्साह से सराबोर रहा। सदियों की चुनौतियों के बावजूद भारत की संस्कृति और परंपराएँ आज भी जीवंत हैं। ऐसे आयोजनों से यह संदेश स्पष्ट होता है कि हमारी पहचान, हमारी एकता और हमारे पर्व — किसी भी परिस्थिति में मिटाए नहीं जा सकते। रंगों का यह उत्सव न केवल व्यापारियों को जोड़ता है, बल्कि भारतीयता की उस मजबूत डोर को भी और सशक्त करता है, जो हमें एक राष्ट्र के रूप में बांधकर रखती है।

