
आसनबनी में एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन द्वारा अंग एवं ऊतक दान पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित
आसनबनी, 6 अक्टूबर 2026: एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, आसनबनी में आचार्य गुरुकुल एजुकेशनल ट्रस्ट के मार्गदर्शन एवं मोहन फाउंडेशन के सहयोग से अंग एवं ऊतक दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज के लोगों को अंगदान के महत्व, इसकी आवश्यकता तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि मृत्यु के बाद किया गया अंगदान कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान मानवता की सेवा का एक महान कार्य है और इसके प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अंग एवं ऊतक दान की प्रक्रिया, दान के लिए आवश्यक सहमति, परिवार की भूमिका तथा अंग प्रत्यारोपण के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने अंगदान से संबंधित विभिन्न भ्रांतियों को दूर करते हुए वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं संतोषजनक तरीके से उत्तर दिया गया। विद्यार्थियों को अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों के बीच अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनमें मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना का विकास करना भी है। अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाना इसी सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और जागरूकता देखने को मिली। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अंगदान का संदेश पहुंचाया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मोहन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों, संस्थान के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला ने “अंगदान महादान” के संदेश को समाज तक पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई आशा जगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी सार्थकता सिद्ध की।
