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आदिवासियों के धर्म परिवर्तन और आरक्षण को लेकर पूरे झारखंड राज्य में जन आंदोलन की शुरुआत

रिपोर्टर – जगबंधु महतो

गम्हरिया : सरायकेला जिला गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कांड्रा मोड़ देर शाम झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन आदिवासियों के धर्म परिवर्तन और आरक्षण को लेकर पूरे झारखंड राज्य में जन आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं। जिसकी पृष्ठभूमि झारखंड के सभी जिलों में भ्रमण कर चंपाई सोरेन तैयार कर रहे हैं। कांड्रा मोड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चंपाई सोरेन ने कहा कि संथाल परगना से शुरू हुआ आंदोलन अब झारखंड, बंगाल, ओडिशा और बिहार में भी फैलाया जाएगा, ताकि धर्मांतरण की रोकथाम की जा सके और आदिवासी समाज को सुरक्षित रखा जा सके।

चंपई सोरेन ने इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जो लोग धर्मांतरण कर चुके हैं उन्हें किसी भी तरह से आदिवासी आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी अन्य धर्म में चले गए हैं तो उसके बाद आदिवासियों के लिए आरक्षित सुविधाओं को ख़त्म करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई आदिवासी लड़की किसी अन्य समाज में शादी कर लेती है तो उसे भी आरक्षण का दावा नहीं करना चाहिए। यह मुद्दा आदिवासी समाज के भीतर जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न राज्यों में कार्यक्रमों के माध्यम से उठाया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनका आंदोलन सिर्फ धर्मांतरण के खिलाफ नहीं बल्कि आदिवासी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को बचाने के लिए भी है। उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के 24 साल बाद भी आदिवासियों के अधिकारों पर हमला हो रहा है, जिसे रोकने के लिए वे पूरे देश में अभियान चलाएंगे।उन्होंने कहा कि आदिवासियों के अधिकारों और उनकी पहचान को बचाने के लिए अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।

चंपई सोरेन के प्रयास से टाटा स्टील फाउंडेशन ने ओडिशा में शुरू किया राहत कार्य

चंपई सोरेन ने रविवार को मयूरभंज जिले के बिसोई प्रखंड अंतर्गत केसरगढ़िया गांव में बीते 20 मार्च को हुई ओलावृष्टि से प्रभावित वहाँ के ग्रामीणों से मिल कर, उन्होंने हालात का जायजा लिया तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया पूर्व सीएम ने जिला प्रशासन के अधिकारी एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारी को यथाशीघ्र क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है। जिसके बाद वहां राहत कार्य शुरू किया गया है। इस दौरान चंपाई सोरेन ने राज्यवाशियो को सरहुल पर्व शुभकामनाएं दी।

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