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आदित्यपुर : किरायेदार महिला और उसकी बेटियों के साथ दरिंदगी, पुलिस जांच पर भी उठा सवाल…

जगबंधु महतो …✍️

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पीड़िता बोली मंत्री की बहन हूं, मैं गरीब हूं, इसीलिए शर्म से अब तक नहीं बताया बहन को ।

आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत साईं कल्पना टावर, जुलुमटांड़ में रहनेवाली एक महिला ममता ओझा ने पड़ोसियों द्वारा घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। खबरों के अनुसार, पीड़िता राज्य की एक कद्दावर मंत्री की ममेरी बहन हैं।

घटना 2 जून 2025 की शाम करीब 7 बजे की है। पीड़िता ममता ओझा ने बताया कि वह चार वर्षों से इस फ्लैट में किराए पर रह रही हैं। उनके पति चालक का कार्य करते हैं और अक्सर बाहर रहते हैं। घटना के दिन उनके पड़ोसी विशेश्वर गिरी और बलराम ने महज चप्पल स्टैंड रखने के विवाद को लेकर पहले दरवाजा खटखटाया और फिर घर में घुसकर उन्हें और उनकी दोनों बेटियों के साथ मारपीट की। पीड़िता के अनुसार दोनों आरोपियों ने गलत नीयत से उनका और मानसिक रूप से दिव्यांग बेटी का हाथ पकड़कर खींचने का प्रयास किया। बीच-बचाव करने पर छोटी बेटी प्रेरणा को भी चोटें आईं। पीड़िता के मुताबिक, इसी बीच आरोपियों की पत्नि संध्या गिरी और नीतू एवं एक अन्य पड़ोसी महिला सोनी साहू भी मौके पर पहुंचीं और उन लोगों ने पीड़ित परिवार को ही उल्टा दोषी ठहराया । जिससे उनकी सामाजिक मर्यादा हनन करने की कोशिश की गई।

घटना के बाद ममता ओझा ने आदित्यपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई लेकिन जांच की दिशा पर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच अधिकारी ने केवल 161 के तहत बयान दर्ज किया जबकि 164 के न्यायिक बयान की प्रक्रिया अब तक नहीं की गई और ना ही दिव्यांगता अधिनियम के तहत धाराएं लगाई गई। पीड़िता ने यह भी बताया कि एसडीपीओ समीर कुमार सवैया के समक्ष दिए गए बयान में उन्होंने साफ-साफ बताया था कि आरोपी घर में घुसे थे लेकिन पुलिस अब इस बात को दबाने की कोशिश कर रही है।

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि उन्होंने अपनी बहन और राज्य की मंत्री को अब तक इस मामले से अवगत क्यों नहीं कराया तो उन्होंने भावुक होकर कहा कि मैं गरीब हूं और संकोच के कारण उन्हें अब तक नहीं बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी पक्ष से मिले हुए हैं। मामले में 41ए का नोटिस देकर औपचारिकता निभाई जा रही है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं । ममता ओझा ने आशंका जताई है कि उनके और उनकी बेटियों के साथ दोबारा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और न्यायपूर्ण जांच हो आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। पूरे मामले ने एक बार फिर पुलिसिया कार्रवाई की गंभीरता और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता की दर्द भरी पुकार इस बात की गवाही है कि व्यवस्था में यदि गरीब और अकेली महिला की आवाज अनसुनी रह गई तो न्याय सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।

बहरहाल, इस मामले में पुलिस प्रशासन से अभी तक बात नहीं हो सका है कि, कार्रवाई और तहकीकात स्थिति क्या है ?

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