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खबर का असर

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पूर्व पार्षद की दबंगई पर चला प्रशासन का डंडा, वर्षों पुराना अतिक्रमण हटाया गया

संवाददाता : मौसम गुप्ता

दुमका । “जब कलम चलती है तो सिस्टम हिलता है, और जब सवाल उठते हैं तो जवाब आने ही चाहिए।”
दुमका नगर क्षेत्र में पत्रकारिता की यही ताकत एक बार फिर देखने को मिली। वर्षों से गिलान पाड़ा और सराय रोड को निजी जागीर समझ बैठे पूर्व वार्ड पार्षद राजकुमार मोदी की दबंगई आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आ गई। सड़क पर खुलेआम ईंटों के ढेर, ट्रकों की कतारें और लोगों की बेबसी — यह तस्वीर आम हो चुकी थी। स्थानीय नागरिकों की शिकायतें बार-बार अनसुनी होती रहीं। लेकिन लगातार उठती पत्रकारिता की आवाज़ ने प्रशासन को आखिरकार नींद से जगाया।

जिला प्रशासन ने पहले नोटिस जारी किया, फिर जांच की प्रक्रिया शुरू हुई। और महज 48 घंटे के भीतर वो अतिक्रमण हटा लिया गया, जो सालों से सड़कों की साँसें रोक कर बैठा था। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन साथ ही एक अहम सवाल भी खड़ा किया “अगर मीडिया न होता, तो क्या सड़क फिर कभी दिखती?”

पत्रकारिता बनी परिवर्तन की मशाल

इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं, बदलाव की चिंगारी है। प्रशासन को चाहिए कि वह इसी तरह जनहित के मामलों में सक्रियता दिखाए — अतिक्रमण हो या अन्य जनसमस्याएं, कार्रवाई शिकायत का इंतज़ार नहीं करे।
जनता को मिला भरोसा, सिस्टम को मिली सीख
इस पूरे घटनाक्रम से दो संदेश साफ़ हैं  जहां कलम चलती है, वहां सत्ता की लाठी झुकती है। प्रशासन यदि समय पर जागे, तो विकास की रफ्तार खुद तेज हो जाती है।

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