
आदित्यपुर में अधिवक्ताओं का सड़क सुरक्षा पर मंथन, फ्लाईओवर–फोरलेन की मांग तेज; चेतावनी—नहीं हुई पहल तो होगा आंदोलन

रिपोर्टर – जगबंधु महतो
आदित्यपुर । अधिवक्ता संघ एवं झारखंड लीगल एडवाइजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (जलाडो) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को आदित्यपुर स्थित जयप्रकाश उद्यान में वनभोज सह सड़क सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में सरायकेला के पूर्व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी इंद्रासन यादव उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर आदित्यपुर अधिवक्ता संघ एवं जलाडो के सचिव बीएन ओझा शामिल हुए। इसके अलावा जामताड़ा के पूर्व उपायुक्त गणेश कुमार, जमशेदपुर के पूर्व डीडीसी डॉ. लालमोहन महतो, सरायकेला जिला बार एसोसिएशन के महासचिव देवाशीष ज्योतिषी सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
वनभोज के साथ आयोजित सड़क सुरक्षा गोष्ठी में जहां एक ओर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांधा, वहीं दूसरी ओर सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर और तथ्यपरक चर्चा की गई। गोष्ठी में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
वक्ताओं ने बताया कि आदित्यपुर–कांड्रा सड़क को बने लगभग 15 वर्ष हो चुके हैं, जबकि इस अवधि में वाहनों की संख्या करीब तीन गुना बढ़ चुकी है। इसके बावजूद सड़क के बुनियादी ढांचे में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस स्थिति को गंभीर बताते हुए झारखंड सरकार एवं जिला प्रशासन से आदित्यपुर–कांड्रा मार्ग पर कम से कम दो फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण की मांग की गई।
इसके साथ ही कांड्रा–सरायकेला सड़क को फोरलेन करने, आदित्यपुर–2 स्थित राधा स्वामी सत्संग ब्यास से जमशेदपुर बड़ौदा घाट तक पुल निर्माण, तथा सरायकेला से चांडिल न्यायालय आने–जाने वाले अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए कांड्रा से चांडिल तक सड़क को फोरलेन करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। संगठन ने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जिले के औद्योगिक क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी।
गोष्ठी में उपायुक्त की पहल पर आदित्यपुर से कांड्रा तक लगाए जा रहे स्ट्रीट लाइट के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही यह मांग उठाई गई कि सभी स्ट्रीट लाइट नियमित रूप से जलें, ताकि राहगीरों को सुविधा मिले और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। चौका–कांड्रा सड़क पर पूर्व उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला द्वारा स्ट्रीट लाइट लगाने की पहल का उल्लेख करते हुए इसे शीघ्र पूरा करने की मांग भी की गई।
गोष्ठी में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि सड़क पर चलने वाले सभी भारी वाहनों में सहायक चालक की नियुक्ति अनिवार्य की जाए। वहीं भारी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को लेकर आयडा की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पहल नहीं की गई, तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन संस्था के संरक्षक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता ओम प्रकाश ने किया। आयोजन के अंत में उपस्थित लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर सामूहिक प्रयास और ठोस सरकारी कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
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