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अनगड़ा में रामनवमी पर दिखी आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता की मिसाल

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Arjun Kumar…..✍️

अनगड़ा (रांची) ।  रामनवमी के पावन अवसर पर अनगड़ा प्रखंड के गोंदली पोखर स्थित अखाड़ा में महावीर मंडल कमिटी द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, तलवारबाजी, लाठीबाजी और विभिन्न प्रकार के करतबों ने लोगों को आकर्षित किया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। इस दौरान अतिथियों का स्वागत चुनरी ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक किया गया। आयोजन को सफल बनाने में कमिटी के अध्यक्ष नीलकंठ चौधरी के नेतृत्व में संरक्षक मंडल एवं अन्य पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अध्यक्ष नीलकंठ चौधरी ने कहा कि रामनवमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है तथा ऐसे आयोजन से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में संरक्षक के रूप में अजय कुमार महतो, डॉ. रिझु नायक, सुरेंद्र महतो, ज्योतिष कुमार महतो, बैजनाथ महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, वहीं कमिटी के अन्य सदस्यों में कृष्ण कुमार चौधरी, अंशु शेखर चौधरी, रामकृष्ण चौधरी, गणेश्वर महतो, अजीत महतो, मनीष महतो, पंकज कुमार महतो, रामसाय मुंडा, सर्वजीत महतो, देवीलाल महतो, श्रवण कुमार चौधरी, सागर साहू, विश्वेश्वर चौधरी, काशीनाथ साहू, हरे कृष्ण चौधरी, दिलीप कुमार चौधरी, आनंद केसरी समेत अन्य लोग सक्रिय रूप से शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर हेसल अंजुमन की ओर से भी रामनवमी के अवसर पर सामाजिक सौहार्द की अनूठी पहल देखने को मिली, जहां अंजुमन कमिटी के सदस्यों द्वारा रामभक्तों के लिए चना, पानी एवं ठंडा पेय की व्यवस्था की गई। समाजसेवी मुस्तफा अंसारी ने बताया कि अनगड़ा ऐसा क्षेत्र है जहां सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर हर पर्व मनाते हैं और यह परंपरा वर्षों से जारी है, जो सामाजिक एकता का मजबूत उदाहरण है। इस सेवा कार्य में परवेज खान, अब्बास, अब्दुल इमाम अंसारी, असफाक अंसारी, इब्राहिम अंसारी, डॉ. गुलजार अंसारी, महबूब अंसारी, सिकंदर अंसारी, सिद्दीकी अंसारी, आलम अंसारी, समाउल अंसारी, कुदुस अंसारी, सौकत अंसारी, अफसर अंसारी, अमान अंसारी, रकीब अंसारी, रेहान अंसारी सहित कई सदस्य शामिल रहे। रामनवमी हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और यह पर्व सत्य, धर्म एवं बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। कुल मिलाकर अनगड़ा में आयोजित यह कार्यक्रम आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां एक ओर अखाड़ा संस्कृति की झलक देखने को मिली तो वहीं दूसरी ओर विभिन्न समुदायों के सहभागिता ने एक सकारात्मक संदेश दिया।