
विधानसभा चुनाव: कभी थे दोनों प्रतिद्वंद्वी अब हुए एक, क्या गले मिल जीत का चौका लगाने में होंगे कामयाब
चाकुलिया (विश्वकर्मा सिंह) बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र में झामुमो ने वर्ष 2009 से वर्ष 2019 तक जीत की हैट्रिक लगाकर इस विस क्षेत्र में झामुमो की बादशाहत कायम हुई. झामुमो गठबंधन के समक्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में जीत का चौका लगाने की बड़ी चुनौती है. 2024 के विधानसभा चुनाव में समीर मोहंती और कुणाल षाड़ंगी दो प्रतिद्वंद्वी एक होने पर अब क्षेत्र में चर्चा है कि क्या इस चुनाव में समीर और कुणाल की जोड़ी झामुमो को विस क्षेत्र से जिता कर क्या जीत का चौका लगाने में कामयाब होंगे. इसको लेकर विधानसभा क्षेत्र में लोग जोरों से चर्चा कर रहे हैं. अब देखना है की यह जोड़ी इस विस चुनाव में क्या गुल खिला पाते हैं. झामुमो ने इस विस क्षेत्र में वर्ष 2009 में पार्टी के उम्मीदवार विद्युत वरण महतो ने 59228 मत प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंदी डॉ दिनेश षाडंगी को 17154 मत से पराजित कर विधायक बनकर जीत की शुरुआत की थी. वर्ष 2014 के चुनाव में झामुमो ने कुणाल षाड़ंगी को उम्मीदवार बनाया और श्री षाडंगी ने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा के उम्मीदवार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी को 15355 मतों से पराजित किया. वहीं वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो ने समीर मोहंती को अपना उम्मीदवार बनाया. इस चुनाव में समीर मोहंती को रिकार्ड मत 106017 मत मिले. श्री मोहंती ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के उम्मीदवार कुणाल षाड़ंगी को 60565 मत से पराजित किया. इस तरह झामुमो ने जीत की हैट्रिक लगाकर बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र में अपनी बादशाहत कायम की है.


