
बहरागोड़ा: चित्रेश्वर मंदिर तीन राज्य के लोगों का बना आस्था का केंद्र, सावन के सोमवार को श्रद्धालुओं का उमड़ता है सैलाब
संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
हजारों साल पुराना चित्रेश्वर मंदिर भगवान शिव का पवित्र धाम है. यह प्राचीन मंदिर झारखंड, बंगाल और ओडिशा राज्य के लोगों के आस्था का केंद्र है. यह प्रसिद्ध शिव मंदिर बंगाल, झारखंड और ओडिशा राज्य के संगम स्थल बहरागोड़ा से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित है. इस मंदिर में हजारों सालों से भगवान शिव की पूजा होती आ रही है. सावन महीने में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए मंदिर समिति को प्रशासन से मदद लेनी पड़ती है. बड़ी संख्या में शिव भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाने चित्रेश्वर मंदिर पहुंचते हैं. चित्रेश्वर शिव मंदिर में पूरे साल भक्तों का आना-जाना लगा रहता है. लेकिन यहां सावन माह में श्रद्धालुओं का जनसैलाब आता है. बड़ी संख्या में शिव भक्त बाबा पर जल चढ़ाने चित्रेश्वर मंदिर पहुंचते हैं.


मंदिर के मुख्य पुजारी दीपक सतपति है जो की कई बर्षो से पूजा करते आ रहे हैं. मंदिर कब और किसने बनवाया यह बताने वाला कोई नहीं है. मंदिर से संबंधित ऐतिहासिक साक्ष्य का अभाव है. लेकिन, स्थानीय बुजुर्गों का मानना है कि लगभग 3000 हजार वर्ष पहले यहां शिवलिंग की पूजा प्रारंभ हुई थी. आजादी से पहले तक यह क्षेत्र धालभूम स्टेट के अधीन रहा. पश्चिम बंगाल के गोपीवल्लभपुर क्षेत्र के शासक और धालभूम शासक के बीच मंदिर पर अधिकार को लेकर बराबर संघर्ष होता रहता था. लोगों की मान्यता है कि दोनों के संघर्ष से उत्पन्न नाराजगी के चलते शिवलिंग दो टुकड़ों में हो गया. आज भी उसी खंडित शिवलिंग की ही पूजा-अर्चना होती है. वैसे तो यहां पूरे साल श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है लेकिन श्रावण में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. विशेषकर सोमवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है.

