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कोयला हाइवा की चपेट में आया मवेशी, ग्रामीणों ने दुमका-पाकुड़ मुख्य पथ किया जाम

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संवाददाता – झंटू पाल

काठीकुंड । मंगलवार को काठीकुंड प्रखंड मुख्यालय के समीप दुमका-पाकुड़ मुख्य पथ पर कोयला लदे हाइवा की चपेट में आने से एक मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह मवेशी नकटी गांव निवासी प्रदीप हेंब्रम का था। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी। लगभग एक घंटे तक सड़क जाम रहने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पशुपालक को उचित मुआवजा मिलने के बाद ही जाम हटाया गया और यातायात सामान्य हुआ।

छह दिन पहले मिला था सिर्फ़ “आश्वासन”

गौरतलब है कि बीते 15 जून को काठीकुंड के चांदनी चौक पर विभिन्न गांवों के प्रधानों व ग्रामीणों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। छह दिनों तक कोयला परिवहन पूरी तरह बंद रहा।

धरने के समाधान के लिए बीते शनिवार रात सांसद नलिन सोरेन के आवास पर विधायक आलोक सोरेन, जिप अध्यक्ष जॉयस बेसरा और सीडीओ कौशल कुमार की मौजूदगी में बैठक हुई थी। बैठक में सीडीओ ने आश्वासन दिया था कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं होती, कोयला परिवहन केवल रात के समय ही किया जाएगा।

वादा बन गया छलावा?

हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन का यह आश्वासन कागज़ी साबित हो रहा है। रविवार से ही दिन के उजाले में सैकड़ों की संख्या में कोयला लदे वाहन गुजर रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। मंगलवार की घटना उसी लापरवाही का नतीजा है।

ग्रामीणों की मांग – हो सख़्त निगरानी और अमल

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगे, वादों का पालन सुनिश्चित हो और जब तक सड़क मरम्मत पूरी नहीं होती, दिन के समय कोयला परिवहन पूरी तरह बंद किया जाए।

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