चतरा – पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के नागद जंगलों में नक्सली संगठन टीएसपीसी व पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई,हालांकि नक्सली बच निकल कर भागने में सफल रहे। बाद में चलाए गए तलाशी अभियान में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा चलाए जा रहे एक मिनी गन फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया। यहां से एक देसी रायफल, दो देसी बंदूक, एक लेथ मशीन, कई अर्द्धनिर्मित हथियार व पिठ्ठू भी बरामद किए गए हैं । मुठभेड़ में चतरा और पलामू दोनों जिलों की पुलिस शामिल है ।
लगभग 20 मिनट तक दोनो ओर से चली मुठभेड़ । जानकारी के अनुसार चतरा जिले की पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्र नागद जंगल में नक्सलियों के जमावड़े की सूचना मिली थी। इसी आधार पर चतरा के सिमरिया एसडीपीओ के नेतृत्व में अभियान शुरू किया गया। चतरा पुलिस की सूचना पर पलामू पुलिस भी झारखंड जगुआर के साथ संयुक्त अभियान में शामिल हो गई । वहीं दोनो ओर से घिरते देख नक्सली जंगल व पहाड़ों का लाभ उठाकर भाग निकले । नक्सलियों ने एक बंकर भी बना रखा था । इसी जगह एक मिनी लेथ मशीन स्थापित कर देसी बंदूक बनाए जाते थे । खुफिया विभाग के अनुसार मुठभेड़ में नक्सली कमांडर आक्रमण का दस्ता शामिल होने कि बात कहीं जा रही है । आपको बताते चले कि आक्रमण टीएसपीसी के शीर्ष तीन कमांडरों में शामिल है। इसके दस्ते में अत्याधुनिक हथियारों से लैस 40 से 50 नक्सली शामिल हैं। झारखंड पुलिस ने इसके ऊपर दस लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है ।
वही मामले की पुष्टी करते हुये पुलिस अधीक्षक चतरा ने बताया की टी०पी०सी० के दस्ते की आवाजाही के संबंध में एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई, उक्त सूचना के आधार पर, झारखंड जगुआर और सैट टीमों के द्वारा एक सर्च अभियान चलाया गया। सर्च अभियान के दौरान आज सुबह टी०पी०सी०के दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस को भारी पड़ता देख टी०पी०सी० का दस्ता घने जंगलों का सहारा लेकर भाग गई। सर्च अभियान के दौरान पुलिस को टी०पी०सी० की एक मिनी गन फैक्ट्री का पता लगा तथा एक .315 बोर राइफल भी बरामद की है जिसमें सैकड़ों राउंड जिंदा कारतूस के अलावा बैरल आदि पिस्तौल भी हैं। इलाके में ऑपरेशन जारी है।
