
अवैध कारोबार का हब बना चांडिल अनुमंडल क्षेत्र, नहीं है कानून का भय

संवाददाता : कल्याण पात्रा
चांडिल : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र धीरे-धीरे गैर कानूनी कारोबार का हब बनता जा रहा है. यहां कानून का नहीं बल्कि गैर कानूनी कारोबार करने वालों का राज कायम हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन पर दिन टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अवैध कारोबारों का अड्डा कुकुरमुत्ते की तरह खुल रहा है. ईचागढ़, चौका, चांडिल और नीमडीह थाना क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे और कपाली ओपी क्षेत्र में अवैध कारोबारियों का कब्जा होता जा रहा है. बताया जा रहा है कि टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे के साथ ही चांडिल-पुरुलिया एनएच 32, चौका-पातकुम सड़क और रांगामाटी-सिल्ली सड़क के किनारे भी अवैध कारोबार दिन पर दिन परवान चढ़ता जा रहा है. होटल, बड़े-बड़े चारदीवारी, जंगल व झाड़ियों की आड़ में बेखौफ होकर गोरखधंधा करने वाले दिन के उजाले में भी अवैध कारोबार को अंजाम देते हैं.
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अवैध कारोबार कोयला कटिंग,स्पंज आयरन ,कटिंग लोह अयस्क कटिंग ,पाइप कटिंग, सीमेंट कटिंग, व डीजल कटिंग
लामबंद हो रहे ग्रामीण
बताया जा रहा है कि चौका थाना क्षेत्र में बंद कंपनी के अंदर भी गैर कानूनी धंधे खुलेआम चल रहा है. वहीं पाटा टोल प्लाजा के सामने भी गौरखधंधे को अंजाम दिया जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि अवैध कोयला टाल फलफूल रहा है. कानून व्यवस्था को मुंह चिढ़ाता काला कारोबार क्षेत्र के लिए बदनुमा दाग बनता जा रहा है. जगह-जगह बने अड्डों के कारण पूरा क्षेत्र अवैध कारोबारों का हब बनता जा रहा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह अवैध कारोबार चलता रहा तो कभी भी बड़ी अपराधिक घटनाएं घट सकती है. खुलेआम हो रहे गैरकानूनी धंधे के खिलाफ ग्रामीण अब लामबंद होने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि खुलेआम किए जा रहे अवैध कारोबार की जानकारी क्या क्षेत्र के पुलिस-प्रशासन को नहीं है या उनके संरक्षण में धंधा किया जा रहा है.जिला क्षेत्र में प्रवेश द्वार पर ही टाल सरायकेला-खरसावां जिला क्षेत्र में प्रवेश करते ही आपको सबसे पहले अवैध कारोबार का ठिकाना मिलेगा. चाहे आप पश्चिम बंगाल से सरायकेला-खरसावां जिले में प्रवेश कर रहे हो या राजधानी रांची से जिले में पहुंच रहे हो, दोनों की एनएच पर आपको अवैध कारोबार ही पहले मिलेंगे. नीमडीह थाना क्षेत्र के आदरडीह में बॉर्डर के सामने ही चारदीवारी के अंदर और रांची के जिले में आने के क्रम में नागासेरेंगे बाजार के पास झाड़ियों के बीच अवैध कारोबार संचालित किए जा रहे हैं. काले कारनामों से धन कमाने की धंधेबाजों का ललक देखकर आम लोग आश्वर्य में हैं. बताया जा रहा है कि टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर ईचागढ़ थाना के करीब ढाई किलोमीटर का क्षेत्र आता है. इसी ढाई किलोमीटर में पांच स्थानों पर अवैध कारोबार संचालित हो रहे हैं. दारुदा और नागासेरेंग के बीच नीमड़ीह गांव के सामने एक बंद होटल पर भी अवैध कारोबार को खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है. मजदूरों ने बताया कि रात के वक्त गौरखधंधा पूरे परवान पर रहता है.
” समाचार में एक सांकेतिक फोटो दरसाया गया है “

