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खेरबेड़ा गांव में डालसा का जागरूकता अभियान, बाल विवाह कानून-2006 में सजा का प्रावधान

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Arjun Kumar Pramanik……✍️

रांची। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची के मार्गदर्शन में सिल्ली प्रखंड के गोड़ाडीह पंचायत अंतर्गत खेरबेड़ा गांव में डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सामाजिक कुरीतियों तथा उनसे संबंधित कानूनों के बारे में जानकारी देना था।
इस दौरान पीएलवी कौशल्या देवी, ब्रजेश कुमार महतो, बंशीधर महतो, बंशीधर घटवार, पंकज कुमार महतो, राजकुमार महतो सहित अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में पीएलवी शंकर महतो और ब्रजेश कुमार महतो ने बाल विवाह, दहेज प्रथा, डायन-बिसाही, कन्या भ्रूण हत्या सहित विभिन्न सामाजिक अपराधों से जुड़े कानूनों और न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। वहीं कौशल्या देवी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और उसका लाभ लेने की प्रक्रिया से लोगों को अवगत कराया। बंशीधर महतो ने मोटर वाहन अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। पंकज कुमार महतो ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशा परिवार और समाज दोनों को नुकसान पहुंचाता है। वहीं राजकुमार महतो ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिवक्ताओं और मध्यस्थों की मदद से वादों का निःशुल्क और त्वरित निस्तारण कराया जा सकता है, जिसका लाभ लोगों को उठाना चाहिए। पीएलवी शंकर महतो ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मईया सम्मान योजना, जॉब कार्ड, प्री-लिटिगेशन वाद तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में एलएडीसी डिप्टी चीफ ने भी कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित कानून, बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006, बाल श्रम, पोक्सो एक्ट, मानव तस्करी, शिक्षा का अधिकार अधिनियम तथा नालसा, झालसा और डालसा की भूमिका के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया।

14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत

कार्यक्रम के दौरान आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि जिन लोगों के मामले न्यायालय में लंबित हैं, वे राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से अपने मामलों का निस्तारण करा सकते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक सुलहनीय मामले, दीवानी वाद, श्रम विवाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक मामले, उत्पाद से जुड़े मामले, चेक बाउंस, वन विभाग, बिजली, ट्रैफिक चालान, भूमि अधिग्रहण, मोटरयान, माप-तौल तथा अन्य संबंधित मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए संबंधित पक्षकारों को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं।

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सरायकेला पुलिस का बड़ा एक्शन: पश्चिम बंगाल के अंतरराज्यीय गिरोह पर शिकंजा, चार आरोपी गिरफ्तार रिर्पोटर – जगबन्धु महतो तकनीकी जांच और गुप्त सूचना से खुला राज, बंगाल के चार शातिर दबोचे; कोर्ट ने भेजा जेल सरायकेला: सरायकेला पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गुप्त सूचना, तकनीकी अनुसंधान और त्वरित कार्रवाई के दम पर पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को धर दबोचा। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में अहम सफलता माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सरायकेला थाना कांड संख्या-59/26 के अनुसंधान के दौरान की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 317(2) एवं 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही थी। जांच के दौरान मिले ठोस साक्ष्यों और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मुन्नी मुदलियार, कंका मुदलियार, नारायण मुदलियार और कनक विश्वास शामिल हैं। सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के बंदेल क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों की चिकित्सीय जांच कराई गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह के नेटवर्क, संभावित अन्य साथियों और अपराध के पूरे तंत्र की पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरायकेला पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में सक्रिय या बाहर से आकर अपराध करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।