राजनगर के रिचीतुका मैदान में फुटबॉल का जुनून, 24 टीमों ने दिखाया दमखम; सांसद जोबा माझी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला


रिर्पोटर – जगबन्धु महतो
विश्व आदिवासी दिवस पर खेल के रंग में रंगा राजनगर, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच—विजेताओं पर बरसे पुरस्कार
राजनगर : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को राजनगर प्रखंड अंतर्गत एपीसी रिचीतुका मैदान में आयोजित एक दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता ने पूरे इलाके को खेल उत्सव के रंग में रंग दिया। प्रतियोगिता में कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया और खिलाड़ियों ने मैदान पर अपने शानदार प्रदर्शन से खेलप्रेमियों में जोश भर दिया। मुकाबले के दौरान मैदान में रोमांच, उत्साह और खेल भावना का अनूठा संगम देखने को मिला।
प्रतियोगिता में सिंहभूम सांसद जोबा माझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं स्थानीय युवाओं की छिपी प्रतिभा को सामने लाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने तथा अपनी प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में झामुमो नेता सह सांसद प्रतिनिधि प्रोफेसर केपी सोरेन, झामुमो केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के और झामुमो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भुगलू सोरेन मौजूद रहे।
प्रोफेसर केपी सोरेन ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व का पाठ पढ़ाता है। वहीं कृष्णा बास्के ने कहा कि आदिवासी समाज में खेलों की समृद्ध परंपरा रही है और फुटबॉल ग्रामीण युवाओं के बीच विशेष लोकप्रिय है। भुगलू सोरेन ने युवाओं को खेल से जोड़ने को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें सकारात्मक दिशा देने के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।
प्रतियोगिता में विजेता टीम को खस्सी एवं 10 हजार रुपये, उपविजेता को खस्सी एवं 7 हजार रुपये, जबकि तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त टीमों को खस्सी एवं 3-3 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए गए। इसके अलावा मैन ऑफ द टूर्नामेंट, इमर्जिंग प्लेयर, मैन ऑफ द मैच, बेस्ट प्लेयर, बेस्ट मिडफील्डर, बेस्ट डिफेंडर, बेस्ट गोलकीपर और हाईएस्ट स्कोरर सहित विभिन्न व्यक्तिगत पुरस्कार भी दिए गए।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सुराय मुर्मू, सचिव सुरेश मार्डी और कोषाध्यक्ष प्रेमानंद सोरेन सहित समिति के सदस्यों ने आयोजन की सफलता में सहयोग करने वाले अतिथियों, खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों के प्रति आभार जताया।
विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित किया कि गांव के मैदानों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उसे सही मंच और अवसर देने की है। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में दिखा उत्साह ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जगाता नजर आया।

