
सरायकेला में अक्षय तृतीया पर शुरू हुआ पुरी के सुभद्रा जी के रथ के समान भगवान श्री जगन्नाथ के नए रथ का निर्माण, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने किया शुभारंभ

रिपोर्टर – जगबंधु महतो
सरायकेला – खरसावां । सरायकेला जिला मुख्यालय में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ के भव्य रथ निर्माण का शुभारंभ किया गया। प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में हुए इस आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री व स्थानीय विधायक श्री चंपई सोरेन विशेष रूप से उपस्थित हुए और उड़ीसा कोणार्क से आए विशेष कारीगरों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अर्चना कर रथ निर्माण कार्य की शुरुआत की। रथ का स्वरूप पुरी के सुभद्रा जी के रथ के समान होगा। रथ की ऊंचाई 25 फीट, लंबाई 18 फीट, और चौड़ाई 14 फीट होगी। कोणार्क के अनुभवी कारीगर जिनमें से कुछ राउरकेला जैसे बड़े शहरों में भी रथ निर्माण कर चुके हैं निर्माण कार्य में जुटे हैं। विश्वकर्मा समिति, कोणार्क के प्रमुख कारीगर प्रकाश कुमार ओझा व गुरु प्रसाद महाराणा के नेतृत्व में 8 सदस्यीय दल 40 दिनों में निर्माण कार्य पूरा करेगा। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन पवित्रता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक है। स्थानीय लोगों के सहयोग से वर्षों पुरानी इस मांग को साकार किया जा रहा है। हमारी सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। श्री जगन्नाथ सेवा समिति के उपाध्यक्ष सनत कुमार आचार्य ने बताया कि यह दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। वर्षों से रथ निर्माण की मांग थी लेकिन संसाधनों की कमी बाधा बन रही थी। स्थानीय विधायक के सहयोग से यह सपना साकार हो रहा है। पूरे कोल्हान क्षेत्र में इतनी भव्यता का रथ कहीं और नहीं है। श्रद्धालु रथ निर्माण कार्य को अपनी आंखों से देख रहे हैं जिससे धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल चरम पर है।
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