
घाटशिला : दिशोम जाहिर गढ़ संस्थापक सुराई बेसरा का 16 वां पुण्यतिथि मनाई गई
दीपक नाग… ✍️
मुसाबनी के सुरदा क्रासिंग स्थित लोहिया भवन परिसर में झारखंड आंदोलनकारी सह दिशोम जाहिर गाढ़ समिति का संस्थापक अध्यक्ष सुराई बेसरा का १६ वां पुण्यतिथि मनाया गया। इस दौरान श्रद्धांजलि सभा आयोजित किया गया।
झारखंड आंदोलनकारी स्व सुराई बेसरा के तस्वीर पर माला अर्पण कर एवं पुष्प चढ़ाकर उपस्थित लोगों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
उपस्थित लोगों ने उनके द्वारा दिशोम जाहिर गाढ़ को संवारने में किये गये कार्य एवं झारखंड आंदोलन में उनके भागीदारी को याद किया गया।
इस मौके पर झारखंड आंदोलनकारी सुरेश मुर्मू जगदीश बास्के, कान्हु सामंत, सालखन हांसदा, रादानाथ महतो, अन्तु हांसदा, परमेश्वर हांसदा, सुधा रानी बेसरा, समेत कई प्रबुद्ध लोगों ने श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।
बता दूं कि, १९९० के दशक में झारखंड अलग राज्य आंदोलन का आवाज दिल्ली के संसद के कानों तक पहुंचाने वाले सुर्य सिंह बेसरा छात्र आंदोलन के मंच आजसू के बैनर तले विधायक के रुप में घाटशिला विधानसभा से जीत हासिल की थी। जानकारों का मानना है कि, चुनाव जीतने से पहले सूर्य सिंह बेसरा ने क्षेत्र में वादा किए थे कि, अगर चुनाव में जीत मिलती है तो मुसाबनी के सुरदा क्रासिंग में एक बेहतरीन दिशोम जाहिर गढ़ का निर्माण जरुर करेंगें। जो संथाली आदिवासी समाज के संस्कृति और सभ्यता का प्रतिक होगा। उन्होंने जीत हासिल की और एक खुबसूरत और सुन्दर जाहिर गढ़ का निर्माण करवाया।
लगभग दो दशक पहले इस जाहिर गढ़ में सृष्टि के संरचना, पिलचू बुड़ा – पिलचू बुड़ी, मारंग बुरू वगैरह -वगैरह संस्कृति और संस्कार विस्तृत होने की कहानियां चित्र और पुतलों के जरीए प्रस्तुत किया गया था। स्व. सुराय बेसरा इसके देखभाल और संचालन अपने अंतिम समय तक दिया।
भले ही आज उनमें से अधिकांश कलाएं नजर नहीं आती है। फिर भी दीशोम जाहिर गढ़ का यह परिसर काफी मनोरम है।
