
पुरुलिया के कड़ाडीह मैदान में करम महाजुटान का भव्य आयोजन, मधुश्री महतो ने सांस्कृतिक विरासत बचाने पर दिया जोर
रिर्पोटर – जगबंधु महतो
पुरुलिया : पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित कड़ाडीह मैदान में आदिवासी कुड़मी समाज, बंगाल की ओर से आयोजित ऐतिहासिक सामाजिक-सांस्कृतिक करम महाजुटान अखड़ा में रविवार को समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। इस आयोजन में झारखंड आंदोलनकारी शहीद सुनील महतो के परिवार की बहू सह सरायकेला-खरसावां जिला परिषद की उपाध्यक्ष मधुश्री महतो आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ हजारों सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और असम से बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष, सामाजिक कार्यकर्ता और समाजसेवी जुटे। आयोजन के माध्यम से करम पर्व की परंपरा, सामाजिक एकजुटता और कुड़मी समाज की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में बंगाल के सर्वांगीण विकास के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक भाषा की समृद्धि और अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने उपस्थित लोगों को करम पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाने और अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
करम पर्व के अवसर पर आयोजित इस महाजुटान में विभिन्न राज्यों से आए लोगों की भागीदारी ने सामाजिक-सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित किया। कार्यक्रम में पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक चेतना और सामुदायिक एकता को लेकर उत्साह देखने को मिला।
