
उत्कृष्ट लेखन और ग्रामीण विकास के लिए सम्मान
डॉ मयंक मुरारी को जुझारू ने किया पुरस्कृत

राँची/नामकुम । सृजनात्मक लेखन और ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए झारखंड के चिंतक डॉ मयंक मुरारी को सम्मानित किया गया है। मीडिया की संस्था जुझारू के आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और साहित्यकार ऋता शुक्ल ने यह सम्मान दिया। इस अवसर पर डॉ मयंक मुरारी ने कहा कि यह सम्मान बेहतर के लिए उत्प्रेरित करेगा। डा मयंक मुरारी एक विचारक और सक्रिय लेखक हैं। वह सामाजिक/ व्यक्तिगत विकास के लिए लिखते और काम करते हैं। वह भारत के ज्ञान प्रणाली के आंतरिक मूल्य और अंतर्निहित पहलू पर सोचते हैं और चिंतन करते हैं। उन्होंने 30 सालों में अभी तक 18 किताबें और 700 से अधिक रिपोर्ट, भारतीय समाचार पत्र और पत्रिका में लिख चुके हैं। इन कार्यों के कारण उन्हें कई अवार्ड और पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।वह उषा मार्टिन में महाप्रबंधक सीएसआर और पीआर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां पिछले 15 सालों से गांवों के टिकाऊ विकास के प्रति संकल्पित है। वह हमारे समाज की सामूहिक जागरूकता के लिए विभिन्न मंचों से व्याख्यान भी देते है।
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