
कारगिल विजय दिवस पर नामकुम में भव्य तिरंगा यात्रा व भारत माता पूजन, देशभक्ति से गूंजा वातावरण

राँची/नामकुम । अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, रांची द्वारा 26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नामकुम में तिरंगा यात्रा सह भारत माता पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आरडीएस पब्लिक स्कूल, नामकुम से प्रारंभ हुआ। तिरंगा यात्रा का नेतृत्व परिषद के जिलाध्यक्ष सूबेदार मेजर नारायण प्रसाद तथा एभरो के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह ने किया। यात्रा आरडीएस स्कूल से प्रारंभ होकर नामकुम बाजार, महाराणा प्रताप चौक, सदाबहार चौक व चाय बागान होते हुए पुनः विद्यालय परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के नारों से वातावरण गूंज उठा । भारत माता पूजन और वीरों को सम्मान विद्यालय पहुंचकर भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण कर भारत माँ को नमन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार, सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह, श्याम किशोर सिंह, ज्योति कुमारी, नीरा देवी सहित कई गणमान्य अतिथियों ने राष्ट्र की रक्षा में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा, “कारगिल विजय दिवस भारत की एकता, वीरता और संकल्प की जीत का प्रतीक है।” वहीं सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह ने कारगिल युद्ध का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा, “जब देश का जवान सरहद पर जागता है, तभी देशवासी चैन की नींद सो पाते हैं।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दिल्ली-लाहौर बस सेवा के बदले धोखा दिया, लेकिन भारतीय सेना ने थल, जल, वायु तीनों मोर्चों पर मुंहतोड़ जवाब दिया। वीर सैनिकों और नारियों को सम्मान कार्यक्रम में विशेष रूप से कारगिल युद्ध में भाग ले चुके सूबेदार मेजर डी. के. सिंह को सम्मानित किया गया। साथ ही वीर नारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम को विद्यालय की प्राचार्या ज्योति कुमारी, नीरा देवी और श्याम किशोर सिंह ने भी संबोधित किया। मौके पर अनिल कुमार सिंह, देवराज पासवान, डी. सी. वर्मा, एस. पी. सिंह, मीना देवी, उर्मिला देवी, पिलेश्वरी देवी, सूरजदीप सिंह, प्रदीप सिंह, बिकु सिंह, चंदन बास्की, शिल्पी शालिनी, सुजाता देवी, अनीता देवी, मंजुला देवी, सबिता देवी, कृष्णा कुमार, पृथ्वीराज सिंह, देवराज सिंह, बंटी सिंह, अपराजिता देवी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं, पूर्व सैनिक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

