जमशेदपुर : लंबित मामलों को लेकर ‘ईपीएफ 95 NAC ने ज्ञापन सौंपा…
दीपक नाग
(झा. न्यूज ब्यूरो हेड)
• देश के 27 राज्य में संगठन कार्य कर रहा है…
• पिछले 9 सालों में सड़क से सांसद भवन तक का गुहार…
जमशेदपुर : ईपीएफ 95 नेशनल एजिटेसन कमीटी के सदस्यों ने अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत साकची, जमशेदपुर के ईपीएफओ कमिश्नर के माध्यम से EPFO केन्द्रीय अध्यक्ष डाक्टर मनसुख मांगलिया और श्रम एवं रोजगार मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली के नाम चार सुत्रि मांग पत्र सौंपा।
बता दूं कि, ईपीएफ 95 नेशनल एजिटेसन कमीटी लंबे अर्से से वृद्धावस्था पेंशन बढ़ौतरी के लिए देश के 27 राज्यों में संघर्षरत है । प्रत्येक वर्ष की भांति इस महीने के 24 और 25 तारीख के दिन देश में जगह – जगहों पर समिति के सदस्यों ने स्थानीय ईपीएफओ कमिश्नर के कार्यालय में अपने चार सुत्रि मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें, ईपीएफ 95 के अधिनस्थ जो भी लाभुक है उनका मासिक पेंशन 1000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रूपए प्रतिमाह करने, ईपीएफ 95 के लाभुकों के पति-पत्नी दोनों को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं देने की, ईपीएफ के वैसे लोग जो पेंशन स्कीम से वंचित हैं उन्हें प्रतिमाह कम से कम 5000 रुपए दिया जाए । इसके अलावे ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि, 04 नवंबर 2022 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पेंशनरों को एक समान उच्च पेंशन लाभ देने की जो जिक्र किया था, उसे लागू करने का मांग रखा है ।
उल्लेखनीय है कि, इस ज्ञापन का प्रतिलिपि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी भेजा गया है । इस आन्दोलन से जुड़े लोगों का मानना है कि, महंगाई की इस दौर में वृद्ध अपने अल्प पेंशन से दवा खरीद सकतें हैं और न पुरे महीने का राशन चला सकतें हैं ।!
बहरहाल, संघर्ष पेटकी की आग का है, ऐसे ही इतनी जल्दी बुझ जाएगी यह लड़ाई, लगता नहीं है । क्यों कि, पीछले सताइस सालों से यह लड़ाई चलते आ रही है ।