
मजदूर नेता शहीद रतिलाल महतो की 77वीं जयंती पर जेएलकेएम का श्रद्धांजलि कार्यक्रम, पेसा कानून पर सरकार पर साधा निशाना

रिपोर्टर – जगबंधु महतो
गम्हरिया : मजदूरों के अधिकार और हक के लिए रतिलाल महतो लड़ते रहे। कई बार उन्हें जेल भी जाना पड़ा लेकिन उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा। सच मायने में वे मजदूरों के मसीहा थे। यह बात गम्हरिया के उपरबेड़ा मैदान में शनिवार को आयोजित मजदूर नेता शहीद रतिलाल महतो की 77वीं जयंती समारोह के अवसर पर सरायकेला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी प्रेम मार्डी ने कही।
उन्होंनें कहा कि वर्तमान मजदूर नेताओं को उनके जीवन से सीख लेने की जरूरत है। उनके बताए रास्ते पर चलकर गरीब मजदूरों और असहाय लोगों की सेवा के साथ-साथ मदद करना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इससे पूर्व उन्होंने उपरबेडा मैदान में शहीद रतिलाल महतो की आदमकद प्रतिमा तथा शहीद स्थल पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा उनके विचार और संघर्ष आज भी प्रासंगिक हैं। जेएलकेएम पार्टी उनके बताए मार्ग पर चलकर मजदूरों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और आगे भी करती रहेगी। यह दिन केवल शहीद रतिलाल महतो की जयंती तक सीमित नहीं है, बल्कि महान आदिवासी नेता मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और भारत की पहली महिला शिक्षिका व समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की भी जयंती है। इन सभी महापुरुषों ने समाज को नई दिशा दी, जिनके सपनों को साकार करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
इस मौके पर प्रेम मार्डी ने पेसा कानून को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने पेसा कानून की नियमावली आदिवासियों के हितों की अनदेखी कर प्रशासन और पूंजीपतियों के फायदे के लिए बनाई है। यह आदिवासी समाज के साथ एक सुनियोजित धोखा है, जिसे जेएलकेएम किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी। पार्टी इस अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जेएलकेएम के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से कोल्हान प्रमंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रताप महतो, नगर अध्यक्ष प्रदीप महतो, प्रखंड अध्यक्ष गोपाल महतो, केंद्रीय महिला सचिव सविता महतो, महिला सचिव बीना महतो, नमिता महतो, सक्रिय सदस्य शैलेंद्र महतो, सुंदर प्रधान, सुमित महतो, मनोज महतो तथा जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष सोनामुनी हसदा सहित कई नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
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