
कुकड़ू में अवैध बालू-पत्थर माफियाओं पर बरसीं मधुश्री महतो, बोलीं- ओवरलोड हाइवा ने सड़कें कीं बर्बाद, प्रशासन कब जागेगा?


रिर्पोटर – जगबंधु महतो, गम्हरिया
NGT नियमों की उड़ रही धज्जियां? रात के अंधेरे में अवैध ढुलाई का आरोप, बिना नंबर की जेसीबी-हाइवा जब्त करने की मांग
कुकड़ू: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर के परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि क्षेत्र में रात के अंधेरे में बिना नंबर की जेसीबी मशीनों और ओवरलोड हाइवा के जरिए अवैध खनन सामग्री का धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता भुगत रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
मधुश्री महतो ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि स्वर्णरेखा नदी से सटे तिरुलडीह, पोइलोंग, जारगो, सापादा समेत आसपास के इलाकों से लगातार अवैध ढुलाई हो रही है। भारी वाहनों के लगातार आवागमन से मिलन चौक से तिरुलडीह, कुकड़ू, सापादा, सिरुम, झिमरी, बान्दू और आदरडीह तक की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जगह-जगह बने बड़े गड्ढों के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सड़क हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो जाएंगी। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
मधुश्री महतो ने यह भी कहा कि झारखंड में 10 जून से 15 अक्टूबर तक के दिशा-निर्देश लागू रहते हैं, जिनके अनुसार केवल पर्यावरण स्वीकृत (ईसी) स्टॉक से ही बालू का उठाव और परिवहन किया जा सकता है। इसके बावजूद यदि नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है तो संबंधित विभागों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।उन्होंने बिना नंबर की जेसीबी मशीनों और ओवरलोड हाइवा की तत्काल जब्ती, जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जनहित, सड़क सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए अब प्रशासन को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर निर्णायक कार्रवाई करनी होगी।

