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कान्दरबेड़ा में सर्वसम्मति से चुने गए नए पारंपरिक ग्राम प्रधान, ग्रामसभा ने सौंपी विकास की जिम्मेदारी

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लोकतांत्रिक परंपरा की मिसाल: कान्दरबेड़ा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से चुना माझी बाबा, 8 सदस्यीय टीम का भी गठन

सरायकेला-खरसावां: चांडिल प्रखंड अंतर्गत आंसनबनी पंचायत के कान्दरबेड़ा गांव में पारंपरिक व्यवस्था के तहत आयोजित ग्रामसभा में सर्वसम्मति से नए पारंपरिक माझी बाबा (ग्राम प्रधान) का चयन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने लोकतांत्रिक परंपरा और सामाजिक एकता का परिचय देते हुए नए ग्राम प्रधान को गांव के विकास और सामाजिक नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी।

ग्रामसभा में निर्णय लिया गया कि गांव से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्य, चाहे वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित हों या ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान से, मुखिया बिदु मुर्मू की जानकारी एवं उनकी अध्यक्षता में ही संपन्न किया गया। साथ ही ग्राम प्रधान के सहयोग के लिए आठ सदस्यीय टीम का भी गठन किया गया, जो ग्रामसभा के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू कराने और विकास कार्यों में सहयोग करेगी।

बैठक में उपस्थित पंचायत सचिव, आंसनबनी पंचायत की मुखिया बिदु मुर्मू, पंचायत समिति सदस्य माधवी सिंह, उपमुखिया प्रदीप महतो, मलीन्दरनाथ महतो, लखन मुर्मू, अंगद सिंह, भड़ष मुर्मू, गोयराम सिंह, सुखदेव महतो,सुधांशु गोप, अजय टुडू, घासीराम कर्मकार, लक्ष्मण गोराई,सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने नव-निर्वाचित ग्राम प्रधान को माला पहनाकर सम्मानित किया और गांव के समग्र विकास, सामाजिक सौहार्द तथा पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि सर्वसम्मति से हुआ यह चयन गांव की एकजुटता और लोकतांत्रिक सोच का प्रतीक है। उनका विश्वास है कि नए ग्राम प्रधान के नेतृत्व में विकास कार्यों में गति आएगी, सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और ग्रामसभा की भूमिका पहले से अधिक सशक्त होगी। कान्दरबेड़ा में हुआ यह सर्वसम्मत चयन क्षेत्र में सामाजिक समरसता और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था की मजबूत मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

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