Advertisements
Spread the love

एनपीपीसीएफ के तहत किया गया एक दिवसीय कैम्प का आयोजन, सिविल सर्जन ने कहा की फ्लोरोसिस के लक्षण दिखने पर सदर अस्पताल आकर नि:शुल्क जांच करवाएं…

रामगढ़ ब्यूरो (इन्द्रजीत कुमार)

Advertisements

रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड क्षेत्र पंचायत भवन मरंगमरचा में एनपीपीसीएफ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी तहत सिविल सर्जन रामगढ़ डॉ० प्रभात कुमार के निर्देशानुसार डॉ० सविता वर्मा और उनकी टीम के द्वारा फ्लोरोसिस बीमारी से संबंधित कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प के दौरान सभी आयु वर्ग के कुल 99 व्यक्तियों की फ्लोरोसिस की जांच की गई जिसमे 33 संदिग्ध व्यक्तियों की यूरिन जांच की गई एवं 9 व्यक्तियों में फ्लोरोसिस बीमारी की पुष्टि हुई। इसके साथ ही एनसीडी कार्यक्रम के तहत एचओ सलोनी कुजूर एवं प्रभा कुमारी के द्वारा 30 वर्ष के ऊपर सभी लोंगो का मधुमेह एवं रक्तचाप आदि की जांच की गई।

रामगढ़ जिला नोडल पदाधिकारी डॉ० सविता वर्मा द्वारा उपस्थित सभी को जानकारी देते हुए बताया गया कि यह बीमारी दांत एवं हड्डी प्रभावित करती है। इसमें हड्डियां टेड़ी हो जाती है एवं दांतो में भूरे धब्बे एवं क्षरण प्रारम्भ हो जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि फ्लोरोसिस बीमारी से बचने के लिए हमे अपने आहार में ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक आहार शामिल करना चाहिए साथ ही नियमित व्यायाम करनी चाहिए। क्योंकि यही छोटे छोटे बदलाव हमे फ्लोरोसिस, मधुमेह, रक्तचाप एवं हृदय रोग से बचा सकते है।कार्यक्रम के दौरान डिस्ट्रिक्ट कंसल्टेंट डॉ० पल्लवी कौशल के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि फ्लोरोसिस एक लाइलाज बीमारी है जो धीरे-धीरे हड्डियों को खत्म करने की क्षमता रखती हैं एवं बचाव ही इसका इलाज है।

इसी बीमारी से बचाव सभी को अपने खाने में हरी सब्जी, फल एवं दुध जैसे पदार्थों को शामिल करना चाहिए। काला नमक के उपयोग से परहेज करना चाहिए। काला नमक फ्लोरोसिस बीमारी का एक बहुत बड़ा कारण हैं। उन्होंने सभी को जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति फ्लोरोसिस की निःशुल्क जाँच सदर अस्पताल में करा सकते हैं।कैम्प को सफल बनाने में डीपीए आमोद कुमार, ड्रेसर अरविंद, प्रियंका कुमारी, सहिया शोभा देवी, रीना देवी एवं रेखा देवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जंक फ़ूड जैसे चाट-गुपचुप जैसे पदार्थों का कम से कम सेवन करने, अपने आहार में फल, हरी सब्जी, दूध जैसे पदार्थों को नियमित रूप से शामिल करने काली चाय के सेवन करने सलाह दी गई। फ्लोरोसिस के लक्षण दिखने पर सदर अस्पताल आकर नि:शुल्क जांच करवाएं। नल के जल को बोरिंग से ज्यादा प्राथमिकता देने की सलाह दी गई।

You missed

जमशेदपुर : लखाईडीह के ग्राम प्रधान कान्हु राम टुडू को बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने किया सम्मानित