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सरला बिरला पब्लिक स्कूल में एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित

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Arjun Kumar….✍️

नामकुम(राँची) । सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची में सीबीएसई के सहयोग से 22 अगस्त 2026 को ‘कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एंड अंडरस्टैंडिंग एआई’ विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षण और अधिगम प्रक्रिया में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को सार्थक रूप से शामिल करने पर चर्चा करना था, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों, शिक्षाविदों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। सीबीएसई के वर्ष 2026-27 के वार्षिक प्रशिक्षण सत्र के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सीटी और एआई शिक्षण शास्त्र को मजबूत करना, अंतर-विषयक एकीकरण, तार्किक सोच, व्यवस्थित समस्या-समाधान तथा एआई के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुकूल शिक्षण माहौल तैयार किया जा सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  अंजलि छाबड़ा, सीबीएसई मुख्यालय, अतिरिक्त निदेशक, नई दिल्ली,  मनोज कुमार सिंह, अनुभाग अधिकारी, सीबीएसई उत्कृष्टता केंद्र, पटना, कीनोट स्पीकर डॉ. मनीष कुमार पांडे, मात्रात्मक अर्थशास्त्र एवं डेटा विज्ञान विभाग (सीक्यूईडीएस) के सहायक प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, सब्जेक्ट एक्सपर्टस् प्राचार्य श्री अरुण जॉन मसीह और प्राचार्या  प्रज्ञा सिंह सहित कई प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे । कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, पारंपरिक दीप प्रज्वलन और “ए सिम्फनी ऑफ वेलकम” के साथ हुई। इसके बाद सरला बिरला पब्लिक स्कूल की प्राचार्या  मनीषा शर्मा ने सभा को संबोधित किया। सीबीएसई की अतिरिक्त निदेशक  अंजलि छाबड़ा ने अपने संबोधन में शिक्षकों को कक्षा में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई को जिम्मेदारी और सार्थक तरीके से शामिल करने के लिए तैयार करने के महत्व पर प्रकाश डाला । अपने मुख्य संबोधन में डॉ. मनीष कुमार पांडे ने एआई-संचालित दुनिया में मात्रात्मक सोच, डेटा विश्लेषण और आलोचनात्मक जिज्ञासा के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद  अरुण जॉन मसीह ने “पेडागोजीकल फाउंडेशंसः फ्रॉम प्ले टू असेसमेंट” विषय पर सत्र का संचालन किया, जिसके अंतर्गत कक्षा सिमुलेशन और शैक्षणिक मॉडल गैलरी का अवलोकन भी किया गया। प्रधानाचार्या  प्रज्ञा सिंह ने ‘अपलाइड सीटी एंड एआईः इंटरडिसिप्लिनरी इंटीग्रेशन एंड एथिक्स’ विषय पर सत्र का नेतृत्व किया, जिसमें विभिन्न विषयों में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई के अनुप्रयोग पर चर्चा करने के साथ-साथ तकनीक के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया। “इम्प्लीमेंटिंग सीटी एंड एआईः चैलेंजेस, सक्सेस एंड द वे फॉरवर्ड” विषय पर आयोजित एक पैनल चर्चा में  मनीषा शर्मा, प्राचार्या, सरला बिरला पब्लिक स्कूल, डॉ. (कैप्टन) सुमित कौर, प्राचार्या, गुरु नानक हायर सेकेंडरी स्कूल, प्रभंजन कुमार (पीजीटी), राधा मोहन डे (टीजीटी) और डॉ. सुमित कौर (प्रधानाचार्या) ने भाग लिया। पैनल के सदस्यों ने कक्षा में इसके क्रियान्वयन, संस्थागत नेतृत्व, तकनीकी एकीकरण, शिक्षक की तैयारी और उभरती हुई तकनीकों को अपनाते हुए शिक्षा के मानवीय मूल्यों को बनाए रखने के महत्व पर विचार-विमर्श किया। कार्यशाला का समापन ‘पॉज ऽ रिफ्लेक्ट ऽ रिइमेजिन’ सत्र के साथ हुआ, जिसने शिक्षकों को अपने ज्ञान को नवाचार, समावेशन, नैतिकता और मानवीय मूल्यों पर आधारित कक्षा प्रथाओं में बदलने के लिए प्रेरित किया। सीबीएसई उत्कृष्टता केंद्र, पटना के अनुभाग अधिकारी  मनोज कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस विचार-विमर्श को सफल बनाने वाले सभी गणमान्य अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। प्राचार्या  मनीषा शर्मा ने कार्यशाला की मेजबानी का अवसर प्रदान करने तथा शिक्षकों के सशक्तीकरण की दिशा में निरंतर सहयोग के लिए सीबीएसई के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का उद्देश्य मानवीय बुद्धिमत्ता का स्थान लेना नहीं, बल्कि उसे और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाना होना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विवेकपूर्ण एवं उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा के केंद्र में मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं को सदैव सर्वोच्च स्थान मिलना चाहिए। कार्यशाला ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के सजग, संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग के प्रति सभी की साझा प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया।

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