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महिला सशक्तिकरण के बल से ही सशक्त भारत का निर्माण

सम्भव: आरके गोप ….

सरायकेला Sanjay । शिक्षा के बिना मनुष्य जीवन का कहीं कोई अस्तित्व नहीं है। इस डिजिटल इंडिया के युग में अगर हमें प्रगति के पथ पर अग्रसर होना है तो बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करना ही एक मात्र विकल्प होगा। उक्त बातें राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड ,श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार, क्षेत्रीय निदेशालय -जमशेदपुर के तत्वावधान में खरसांवा प्रखंड के अन्तगर्त छोटा आमदा गांव में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्राँगण में “एक दिवसीय एस टी टी पी श्रमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम”में कहा। आगे श्री गोप ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण की वर्तमान प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला श्रम शक्ति में शिक्षा तथा जागरूकता की कमी के कारण उनका विकास अवरुद्ध हो रहा है। तथा लोग केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित हैं। श्री गोप ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक रूप से सुदृढ़ कर ही सशक्त तथा नए भारत के निर्माण कि परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। इस अवसर पर जीवन कौशल प्रशिक्षक रतिरंजन नंदा ने अपने सम्बोधन में कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के बदौलत ही महिलाएं सुदृढ़ समाज के निर्माण में सार्थक भूमिका निभा पाएगी। उन्होंने सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण हेतु बोर्ड के द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की एवं उपस्थित प्रतिभागियों को स्वजागरण हेतु कई महत्वपूर्ण टिप्स देते हुए सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन बोर्ड के कार्यक्रम समन्वयक हेमसागर प्रधान ने किया। उन्होंने ई-श्रम कार्ड निबन्धन प्रक्रिया, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना तथा बीओसी कार्ड के लाभ के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दिया। कार्यक्रम में 100 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में आजीविका महिला ग्राम संगठन के अध्यक्ष सोनी मुखी, नयनी प्रधान, संतोषिनी प्रधान, वार्ड सदस्य अनुछाया बेहरा, कार्यक्रम समन्वयक अखिलेश कुमार सिन्हा आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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