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सरायकेला में मजबूत व्यवसाय के रूप में स्थापित हुआ है लॉटरी का कारोबार; किस्मत

आजमाने वाले अवैध एवं प्रतिबंधित लॉटरी का खेल जोरों पर…..

सभी नशाओं पर भारी लॉटरी के खेल में लॉटरी कारोबारियों की हो रही है बल्ले बल्ले; उजड़ रहे हैं दिहाड़ी कमाने वालों

के घर।

सरायकेला। सरायकेला में इन दिनों अवैध और प्रतिबंधित लॉटरी का कारोबार खूब फल फूल रहा है। किस्मत आजमाने का यह खेल लॉटरी के कारोबारियों के लिए साल भर का जबरदस्त कारोबार बन चुका है। जबकि इस लॉटरी के खेल का हिस्सा बन रहे रोज कमाने खाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के घर उजड़ रहे हैं। या इस तरह कहा जाए कि लॉटरी खेल के माध्यम से दिहाड़ी कमाई करने वालों के घरों में डाका डाला जा रहा है। इसका कारण भी है कि रातो रात अमीर बनने का दिवास्वप्न देखने वाले दिहाड़ी मजदूर लॉटरी के माध्यम से आसानी से एक बड़ी रकम की लालच में आ जाते हैं। और दिन भर की अपनी कमाई लॉटरी की खेल में लगा डालते हैं। बताया जाता है कि लॉटरी के खेल में ज्यादातर लोगों को हार ही मिलती है। लेकिन लॉटरी खेलने की ललक बनी रहे इसके लिए कभी कभार 1000-2000 से लेकर लाख रुपए तक के जितने के किस्से भी सामने आते रहे हैं। परंतु जीतने वाला शख्स एक बार फिर से बड़ी रकम जीतने की लालच में जीती हुई रकम से लॉटरी खेल जाता है। मामला फिर से वही ढाक के तीन पात वाला रह जाता है।

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ऐसे चल रहा है लॉटरी का पूरा खेल:-
बताया जाता है कि कुछ सफेदपोश के संरक्षण में एक पूरा टीम सरायकेला क्षेत्र में लॉटरी के कारोबार में रोजगार की तरह लगा हुआ है। जिसमें हर रोज सुबह से ही लॉटरी की खरीद बिक्री अपने सर्किल में ही शुरू हो जाती है। और जिसका नतीजा 3 खेल के दिन में तीन बार इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त होता है। और लोग इंटरनेट पर अपने लॉटरी का नतीजा निकाल कर किस्मत के फैसले देखते हैं। एक अपुष्ट आंकड़े के अनुसार सरायकेला में प्रतिदिन 4 से 5 लाख की लॉटरी के खेल दिहाड़ी मजदूरों और गरीबों की खून पैसे की कमाई के ऊपर खेला जाता है। इन दिनों शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंच चुकी लॉटरी के विषय में एक और चर्चा आम होने लगी है कि क्षेत्र में स्थानीय रूप से तैयार की जा रही नकली लॉटरी भी बिक रही है। अब इसमें सही और गलत की पहचान करने वाले भी इस अवैध कारोबार की शिकायत करने का जगह ढूंढते हुए पाए जा रहे हैं।

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