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विकसित भारत को गढ़ने में सहकारिता की भूमिका अहम–सतीश मराठे

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Arjun Kumar Pramanik…….✍️

राँची/ नामकुम । अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में सहकार भारती, झारखंड एवं सरला बिरला विश्वविद्यालय, रांची के संयुक्त तत्वावधान में आज ‘आर्थिक एवं सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम सहकारिता ‘ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सरला बिरला विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहकार भारती के संस्थापक सदस्य एवं भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड के निदेशक सतीश मराठे ने सहकारिता के विभिन्न आयामों, इसके कार्यकलापों तथा देश के विकास की राह में इसके योगदान की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आज के दौर में आठ लाख सहकारी समूहों में से तकरीबन साढ़े लाख समूहों के प्रत्यक्ष आर्थिक गतिविधियों से जुड़ाव की बात कही। विकसित और आत्मनिर्भर भारत को गढ़ने में कोऑपरेटिव सेक्टर की अहम भूमिका तथा तकरीबन 30 करोड़ भारतीयों के इससे जुड़े होने से जीडीपी में इसके योगदान की भी उन्होंने चर्चा की।
पिछले दस वर्षों के दौरान विकास के पैमाने पर भारत की लंबी छलांग को उन्होंने देश की मौजूदा आर्थिक नीतियों का परिणाम करार दिया। इक्विटेबल और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए उन्होंने मिशन मोड में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को बढ़ावा देने तथा रिसर्च और स्टार्टअप पॉलिसी एवं डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में सरकार के प्रयासों की सराहना की। सहकारी समितियों की करोड़ों लोगों तक पहुंच से आनेवाले वर्षों में क्रेडिट फ्लो के परिणामस्वरूप भारत में जीडीपी ग्रोथ बढ़ने की बात भी उन्होंने कही। कार्यक्रम में विषय प्रवेश करते हुए सहकार भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विनय खटावकर ने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान पीढ़ी को सहकारिता के महत्व पर यथोचित जानकारी देने की आवश्यकता की बात कही। संगोष्ठी का संचालन सुधीर कुमार ने किया। संगोष्ठी के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर सहकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरेंद्र पाठक, प्रदेश महामंत्री धनंजय सिंह, प्रांत मंत्री रितेश झा, नाबार्ड की सीजीएम दीपमाला घोष, आईसीएआर निदेशक डॉ. अभिजीत कार समेत एसबीयू के महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक,  कुलपति प्रो सी जगनाथन, कुलसचिव प्रो एस बी डांडिन एवं आयोजन समिति के प्रो. संदीप कुमार, करण प्रताप सिंह तथा विवि के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। एसबीयू के  प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान और  राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने संगोष्ठी के आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया है।